सक्ती जिला

आंधी तूफान और तेज बारिश से बर्बाद हुआ जिले के खरीदी केंद्रों में रखा 5 लाख क्विंटल धान, प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा, उठाव को लेकर बेपरवाह जिला प्रशासन को नहीं कोई चिंता, मुसीबतों के पहाड़ तले दब गए हैं सक्ती जिले के धान खरीदी प्रभारी

जिला विपणन अधिकारी को हटाने के बाद भी उठाव कार्य नहीं पकड़ सका गति, आज खून के आंसू रोने को मजबूर हैं अधिकांश प्रभारी, ऐसे में कैसे दे पाएंगे जीरो शोर्टेज

सक्ती। विगत 24 घंटे से हो रही आंधी तूफान के साथ तेज बारिश से खरीदी केंद्रों में रखे 5 लाख क्विंटल धान बर्बाद होने की कगार पर है। तमाम हथकंडे अपनाने के बाद भी धान को सुरक्षित रख पाना अब संभव होता हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है। यह बारिश उपार्जन केंद्र प्रभारियों के लिए आफत बन कर आ गई है। पहले से उठाव को लेकर जिला प्रशासन के सुस्त रवैए के शिकार प्रभारियों को अब आसमानी मुसीबतों को झेलना पड़ रहा है। इन दिनों प्रभारी काफी तनाव के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन के विपणन विभाग और खाद्य विभाग को इससे जरा भी सरोकार नहीं है।

तेज आंधी तूफान के बीच धान खरीदी केंद्रों में धान को रख पाना हो रहा मुश्किल

जिला विपणन अधिकारी हिना खान के स्थानांतरण के बाद उम्मीद जगी थी कि अब धान उठाव के कार्य में तेजी आएगी लेकिन नए विपणन अधिकारी शोभना तिवारी के आने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। कलेक्टर नुपर राशि पन्ना के स्थानांतरण के बाद नए कलेक्टर आईएएस अमृत विकास टोपनो की ओर भी प्रभारियों की निगाहें थी कि वे उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर उठाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश देंगे लेकिन अभी तक उठाव कार्य धीमा ही है।

भारी बारिश के बीच भीगता हुआ धान

ऐसा प्रतीत होता हुआ नजर आ रहा है जैसे खाद्य और मार्कफेड विभाग का मिलरों साथ कोई विशेष सांठगांठ है। डीओ जारी होने के बाद भी राइस मिलरों द्वारा उठाव नहीं किया जा रहा है। इसका खामियाजा धान खरीदी कार्य करने वाले प्रभारियों को भुगता पड़ रहा है।

इन केंद्रों में मुसीबत की बारिश

जिले के धान खरीदी केंद्र अमलडीहा , कैथा , कलमा , किकिरदा , किरारी, चिसदा, छपोरा , डभरा ,नरियरा, पुटीडीह, बारा पीपर,मड़वा, सकराली , सपोस, सीरिया गढ़, हसौद ऐसे केंद्र हैं जहां 10000 क्विंटल से अधिक केंद्रों में धान जाम पड़ा हुआ है। अमलडीहा में 22 हजार क्विंटल धान जाम है।

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