सक्ती जिला

6,885 कलर पेंसिल से गढ़ा नायाब पंडाल, अमित तंबोली की अनोखी कलाकारी

– बनाया नगर का सबसे छोटा पंडाल बना आकर्षण का केंद्र 

सक्ती। गणेश चतुर्थी पर्व देश-विदेश में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। हर गली-मोहल्ले और घरों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा, आरती और प्रसाद वितरण किया जा रहा है। इसी अवसर पर सक्ती के कलाकार अमित तंबोली ने अपनी अनोखी कला से सबको चकित कर दिया है। लगातार 11 वर्षों से पंडाल निर्माण कर रहे अमित तंबोली ने इस बार एक अनूठा प्रयोग किया है। उन्होंने मात्र 36 इंच लंबा, 24 इंच चौड़ा और 36 इंच ऊँचा पंडाल तैयार किया है। आकार में छोटा होने के कारण यह इतना सटीक बना कि इसे अपनी ही दुकान के काउंटर पर स्थापित किया गया। यही वजह है कि इसे इस बार शहर का सबसे छोटा गणेश पंडाल कहा जा रहा है।

6,885 पेंसिल और 84 घंटे की मेहनत – 

पंडाल की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह कलर पेंसिल से सजाया गया है। इसके निर्माण में 6,885 नग कलर पेंसिल, पार्टिकल बोर्ड, कार्डबोर्ड और ग्लू स्टिक का उपयोग किया गया। इस अनूठे कार्य को पूरा करने में करीब 84 घंटे का समय लगा। इस दौरान अमित तंबोली को उनके पुत्र अक्षत तंबोली और पूरे परिवार का सहयोग मिला। वहीं मानस अग्रवाल (शिव बुक सेंटर) ने पेंसिल उपलब्ध कराकर मदद की।

बच्चों को रोज मिल रही पेंसिल- 

पंडाल दर्शन करने आने वाले बच्चों को प्रतिदिन कलर पेंसिल उपहार स्वरूप दी जा रही है। इस पहल से बच्चे बेहद उत्साहित हैं और कला की ओर प्रेरित हो रहे हैं।

स्थापना और आरती- 

27 अगस्त दोपहर 2 बजे गणेश जी की स्थापना पंडित हरनारायण पाण्डेय के सानिध्य में की गई। इस अवसर पर मुख्य यजमान अक्षत तंबोली रहे और श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार भी मौजूद रहा। पूजा-अर्चना और आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। संध्या आरती प्रतिदिन अलग-अलग पंडितों के सानिध्य में कराई जा रही है। प्रथम दिवस की आरती पंडित भोलाशंकर तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई, जिसमें तंबोली परिवार और श्रद्धालुओं ने मिलकर सहभागिता की। अमित तंबोली का कहते हैं “मेरे लिए यह केवल कला नहीं, बल्कि श्रद्धा का विषय है। हर साल मैं कुछ नया करने का प्रयास करता हूँ ताकि गणेश जी की स्थापना के साथ-साथ लोग भी कला से प्रेरित हों। इस बार मैंने कलर पेंसिल को चुना क्योंकि बच्चे रंगों से सबसे ज्यादा जुड़े होते हैं। यही वजह है कि प्रतिदिन बच्चों को पेंसिल दी जा रही है, ताकि उनमें भी रचनात्मकता का बीज अंकुरित हो।”

मिनी रावण से भी पाई पहचान

अमित तंबोली समय-समय पर अपनी कलाकारी से लोगों को अचंभित करते रहे हैं। गणेश पंडाल निर्माण के अलावा वे दशहरा में मिनी रावण भी तैयार करते हैं, जिसे देखने लोग विशेष रूप से पहुंचते हैं। इस बार उनके द्वारा बनाया गया यह छोटा-सा काउंटर पंडाल भी चर्चा का केंद्र बन चुका है।

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