देशभर के शास्त्रीय कलाकारों के बीच उभरी सक्ती की शान—विधि सेनगुप्ता के ओडिसी नृत्य ने उज्जैन महोत्सव में रचा नई सफलता का अध्याय

सक्ती। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित कालिदास संस्कृति अकादमी में आयोजित 11वें नृत्य भारती (Nrithya Bharathi) महोत्सव में देशभर के प्रख्यात शास्त्रीय नृत्य कलाकारों ने अपनी अनूठी प्रस्तुतियों से कला का भव्य संगम प्रस्तुत किया। नृत्य की विविध धाराओं—कथक, मणिपुरी, मोहिनीअट्टम, कथकली सहित अन्य शास्त्रीय विधाओं—के बीच सक्ती की बेटी विधि सेनगुप्ता ने अपने मनोहारी ओडिसी नृत्य से मंच को जीवंत कर दिया।
विधि के सधे हुए भाव, अद्भुत अंग संचालन, नृत्य की लय और गंभीर अभिव्यक्ति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भर गया और कला-प्रेमियों ने उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को खड़े होकर सराहा। विविध राज्यों के प्रसिद्ध कलाकारों के बीच विधि की चमक ने पूरे क्षेत्र का मान बढ़ा दिया।
विधि अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरु डॉ. गजेन्द्र कुमार पांडा के मार्गदर्शन को देती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु के सतत प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रेरणा ने ही उन्हें ऐसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। विधि ने अपने गुरु के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
समारोह में भारी संख्या में उपस्थित कला-प्रेमियों ने विधि के ओडिसी प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्हें डॉ. सरस्वती राजतेश, सुदर्शन जी एवं अन्य वरिष्ठ गुरुओं द्वारा सम्मानित किया गया।
सक्ती की यह प्रतिभाशाली बेटी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक ले जा रही है। उनकी इस सफलता से गुरुजनों, परिवार सहित पूरे सक्ती क्षेत्र में हर्ष और गर्व की लहर है।




