पीकअप में भरे 9 गौवंश, एक की मौत… सक्ती पुलिस ने बेनकाब की बड़ी तस्करी, वाहन मालिक वसीम खान सहित 5 गिरफ्तार

सक्ती। जिले में सक्रिय गौ-तस्करों के खिलाफ सक्ती पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्राम नावापारा से बूचड़खाने की ओर ले जाए जा रहे 9 गौवंशों से भरा पीकअप वाहन पकड़ा गया, जिसमें भयानक स्थिति में एक गौवंश की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तस्करी में शामिल सभी आरोपियों सहित वाहन मालिक वसीम खान को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
कैसे पकड़ी गई तस्करी?
गौ सेवा समिति सक्ती के अध्यक्ष मयंक सिंह ठाकुर ने 9 अगस्त 2025 को थाना सक्ती में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नावापारा क्षेत्र में राइस मिल के पीछे पीकअप वाहन OD 14 AJ 2593 में गाय-बैल को जबरन ठूस-ठूस कर भरा जा रहा है और उन्हें बूचड़खाने भेजने की तैयारी है।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां 9 गौवंश मिले जिनमें एक मृत था। तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
जांच में आरोपियों की पहचान होते ही पुलिस ने तेज़ी दिखाई और मुख्य आरोपी—
हीरालाल यादव उर्फ गदा
को पहले ही न्यायिक रिमांड भेजा जा चुका था।
इसके बाद तीन और आरोपी—
1. रवि यादव
2. राजू कुमार यादव
3. दरसराम केंवट
को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पीकअप वाहन को जब्त कर पुलिस थाना परिसर में रखा गया है।
तस्करी का असली मास्टरमाइंड— वाहन मालिक वसीम खान गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश यादव के मार्गदर्शन में वाहन मालिक की खोज शुरू हुई।
परिवहन विभाग की रिपोर्ट में वाहन वसीम खान (निवासी गुडगुडजोर, जिला सुंदरगढ़—ओडिशा) के नाम पंजीकृत पाया गया। वह घटना के बाद से फरार था और लगातार स्थान बदल रहा था।
13 नवंबर 2025 को सक्ती पुलिस ने दबिश देकर वसीम खान को पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि—
वह इस वाहन को नियमित तौर पर पशु तस्करी के लिए देता था।
साथियों के साथ अवैध कमाई करता था।
कई बार विभिन्न इलाकों से मवेशी उठाकर बूचड़खानों तक पहुंचाया है।
कड़ी कार्रवाई— भेजा गया न्यायिक रिमांड
जांच में पुख्ता सबूत मिलने पर वसीम खान सहित सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई गौवंश की सुरक्षा एवं अवैध तस्करी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी पशु तस्करी या पशुओं को क्रूरता से ले जाने की जानकारी मिले तो तत्काल सूचना दें, ताकि ऐसे गिरोहों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।




