ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमक उठा सक्ती का नाम,विधि सेनगुप्ता की शानदार ओडिसी प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ को दिलाया नया सम्मान

सक्ती। ओडिसी नृत्य की प्रतिभाशाली नृत्यांगना विधि सेनगुप्ता ने हाल ही में ओडिशा में आयोजित विभिन्न प्रतिष्ठित कार्यक्रमों में अपने उत्कृष्ट नृत्य प्रदर्शन से सक्ती शहर और छत्तीसगढ़ राज्य का नाम रोशन किया है।
दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को भुवनेश्वर में आयोजित 19वां गुरु देबप्रसाद दास पुरस्कार महोत्सव में उन्होंने गुरु डॉ. गजेन्द्र कुमार पांडा की नवीन रचना “महावीर हनुमान” में रावण पुत्र इंद्रजीत की भूमिका निभाई। उनकी भाव-भंगिमा, नृत्य कौशल और मंचीय अभिव्यक्ति से दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।

इस वर्ष यह महोत्सव “A Festival of INDO–JAPAN–MALAYSIA” अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में आयोजित किया गया था, जिसमें जापान और मलेशिया के प्रसिद्ध नृत्य समूहों ने भी अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर विधि की प्रस्तुति और उन्हें मिला सम्मान पूरे छत्तीसगढ़ तथा सक्ती शहर के लिए गर्व का विषय रहा।
इसके साथ ही, विधि ने निराकरनपुर (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम में “दुर्गा तांडव” की प्रस्तुति देकर दर्शकों की अपार सराहना प्राप्त की और वहाँ भी सम्मानित की गईं। वहीं पारलाखेमुंडी में आयोजित 4th Parala Festival में उन्होंने “मंगलाचरण” की सुंदर प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह का हृदय जीत लिया और वहाँ भी उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ।

विधि सेनगुप्ता की इन लगातार सफल प्रस्तुतियों और सम्मानों से उनके माता-पिता तथा पूरा सक्ती शहर अत्यंत गर्व और खुशी का अनुभव कर रहा है। ओडिसी नृत्य के प्रति उनकी लगन, निष्ठा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
विधि सेनगुप्ता ने कहा —
> “ओडिसी नृत्य मेरे लिए केवल कला नहीं, बल्कि साधना है। इतने प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुति देना और दर्शकों का प्यार पाना मेरे लिए गर्व और आशीर्वाद जैसा है। मैं अपने गुरुजनों, माता-पिता और सक्ती शहर की शुभकामनाओं के लिए आभारी हूं।”




