सकरेली कला में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य शुभारंभ

कथा व्यास पं. मनोज तिवारी करेंगे अमृतमयी प्रवचन, ग्राम में उत्सव जैसा माहौल
सक्ती// निकटवर्ती ग्राम सकरेली कलां में सोमवार को अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन की शुरुआत विशाल और भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बोरदा, सरवानी एवं सकरेली कला के सैकड़ों मातृशक्ति सहित ग्रामीण श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया।

कलश यात्रा रामनगर तालाब से जल भरने के साथ आरंभ हुई, जहां से महिलाएं एवं ग्रामीण जन मंगल ध्वनियों, भजन-कीर्तन तथा शंख-घड़ियाल की पवित्र धुनों के बीच गांव की मुख्य मार्गों से होकर कथा पंडाल तक पहुंचे। वहां जल से वरुण देव का आव्हान कर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कथा की शुरुआत संपन्न हुई।
17 से 25 नवंबर तक चलेगी कथा — प्रतिदिन भजन संध्या भी
आयोजकों के अनुसार भागवत कथा 17 नवंबर से प्रारंभ होकर 25 नवंबर तक चलेगी। प्रतिदिन सायं 6 बजे तक कथा एवं रात्रि 9 बजे से भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। इस अनुष्ठान के लिए ग्राम के मध्य स्थित स्कूल चौक में विशाल, आकर्षक और सुसज्जित पंडाल का निर्माण किया गया है, जिसमें श्रद्धालुओं के बैठने तथा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।

पं. मनोज तिवारी करेंगे अमृतपान कराता प्रवचन
इस दिव्य कथा के वाचन हेतु सुप्रसिद्ध कथा व्यास पं. मनोज तिवारी को आमंत्रित किया गया है, जिनके प्रवचन, भक्ति रस और जीवन मूल्यों की सहज व्याख्या से श्रद्धालुओं को अनूठा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
पूरा ग्राम आयोजन की सफलता में जुटा, श्रद्धालुओं से अधिकाधिक सहभागिता की अपील
ग्राम के युवा, महिला समितियाँ तथा वरिष्ठ जन आयोजन की सफलता हेतु निरंतर सक्रिय हैं। भोजन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पंडाल एवं अन्य व्यवस्थाओं को संगठित तरीके से अंतिम रूप दिया गया है। ग्रामवासियों ने संयुक्त रूप से यह अपील की है कि सभी श्रद्धालु अपने परिजन सहित कथा में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन आयोजन का पुण्य लाभ अर्जित करें।
सकरेली कला में भागवत कथा का आयोजन पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक उत्साह का केंद्र बन गया है।





