प्रधानमंत्री आवास योजना में मजदूरी घोटाले का खुलासा, ग्रामीणों ने दी सामूहिक शिकायत – जांच व F.I.R. की मांग तेज

सक्ती/मालखरौदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मजदूरी राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और कथित हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सपीया, जनपद पंचायत मालखरौदा के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मालखरौदा को लिखित शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, ग्राम के हितग्राही आशाबाई (39) को प्रधानमंत्री आवास योजना का स्वीकृत मकान निर्माण हेतु कई किश्तों में मजदूरी राशि शासन द्वारा जारी की गई थी। लेकिन हितग्राही को जानकारी दिए बिना, बिना उसकी अनुमति के मजदूरी की राशि किसी अन्य खाते में स्थानांतरित कर धोखाधड़ी की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक व संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से मजदूरी भुगतान राशि को फर्जी तरीके से हड़प लिया गया। जब मामले की जानकारी ग्रामवासियों को मिली, तब पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक द्वारा उचित जवाब देने के बजाय टालमटोल कर ग्रामीणों को बाहर निकाल दिया गया।
शिकायत में उल्लेख है कि कुल 39 हितग्राहियों की राशि लगभग 9,16,110 रुपये संदिग्ध तरीके से खर्च दर्शाकर हड़पी जा चुकी है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह रकम केवल एक हितग्राही की नहीं, बल्कि पूरे गांव की मजदूरी राशि हड़पने का संगठित भ्रष्टाचार है।
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. प्रधानमंत्री आवास योजना की मजदूरी राशि की उच्चस्तरीय जांच हो।
2. पूरे प्रकरण में शामिल सभी अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
3. दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
4. आर्थिक हानि की वसूली कर हितग्राहियों को राशि दिलाई जाए।
5. भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने सख्त निगरानी व ऑडिट की व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी योजना की राशि का दुरुपयोग कर आम जनता के हक पर डाका डाला गया है। उनका कहना है कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय में आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल, ग्रामीणों की सामूहिक शिकायत के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है, और मामले की जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है।




