सक्ती – मानवाधिकार दिवस पर उपजेल सक्ती में विधिक जागरूकता शिविर, बंदियों को बताए गए संवैधानिक अधिकार

सक्ती। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर उपजेल सक्ती में बुधवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभदा गोयल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान सीजेएम शुभदा गोयल ने बंदियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि मानवाधिकार दिवस प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य सभी व्यक्तियों की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जेल में रहना किसी भी व्यक्ति के मानवाधिकारों का अंत नहीं है।
उन्होंने बंदियों को नि:शुल्क विधिक सहायता, अपील का अधिकार, समय पर पेशी, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा का अधिकार तथा सम्मानजनक व्यवहार जैसे मूलभूत अधिकारों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
सचिव मनोज कुमार कुशवाहा ने बंदियों को जेल अनुशासन का पालन करने, आपसी सद्भाव बनाए रखने और जीवन में सुधार हेतु सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, डिप्टी चीफ LADC धर्मेंद्र प्रसाद सोन, असिस्टेंट LADC त्रिभुवन प्रसाद जांगड़े तथा पैरालीगल वॉलंटियर मनीष साहू भी उपस्थित रहे। सभी ने मानवाधिकार संरक्षण एवं विधिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।




