सक्ती जिले से पहली महिला पायलट बनीं कैप्टन आस्था अग्रवाल, सपनों को उड़ान देकर जिले को किया गौरवान्वित

सक्ती। मेहनत, अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास के बल पर सक्ती जिले की बेटी कैप्टन आस्था अग्रवाल ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने सक्ती जिले से पहली महिला पायलट बनने का गौरव हासिल कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि छोटे शहरों से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। कैप्टन आस्था अग्रवाल की सफलता पर सक्ती शहर में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। उनकी उपलब्धि के सम्मान में महामाया मंदिर से भव्य स्वागत रैली निकाली गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में समाजबंधु, युवा, महिलाएं और नागरिक शामिल हुए। रैली के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ बेटी का अभिनंदन किया गया। पूरा नगर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।
सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब –
स्वागत रैली के उपरांत गिरिराज रेन बसेरा में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित पूर्व विधायकगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने कैप्टन आस्था अग्रवाल को आशीर्वाद देते हुए उनके संघर्ष और उपलब्धि की सराहना की।
संघर्ष और संकल्प की मिसाल
कैप्टन आस्था अग्रवाल पिता अमरलाल अग्रवाल का सफर उन बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद ऊंचे सपने देखती हैं। कठिन प्रशिक्षण, अनुशासनपूर्ण जीवन और निरंतर अभ्यास के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लगन और आत्मबल से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।
बेटियों के सपनों को मिली नई दिशा –
वक्ताओं ने कहा कि कैप्टन आस्था अग्रवाल की उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल है। उन्होंने साबित किया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी उड़ान सक्ती जिले की बेटियों के सपनों को भी पंख दे रही है। कैप्टन आस्था अग्रवाल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सक्ती जिले के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है और आने वाली पीढ़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।




