मकर संक्रांति पर छत्तीसगढ़ी स्वाद, परंपरा और लोकसंस्कृति का उत्सव: ‘छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बगिया’ में पारंपरिक व्यंजन, लोकनृत्य, छत्तीसगढ़िया वेशभूषा प्रतियोगिता और खेलकूद प्रतियोगिताओं की रहेगी भव्य प्रस्तुति

कोरबा। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध खानपान परंपरा और लोकसंस्कृति को एक मंच पर सहेजने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बगिया (छत्तीसगढ़िया रस)’ एवं मकर संक्रांति उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 18 जनवरी 2026, रविवार को ओपन थिएटर, घंटाघर, निहारिका–कोरबा में सुबह 10 बजे से रात्रि तक आयोजित होगा। इस आयोजन का आयोजन माई G फाउंडेशन सोसायटी (NGO) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन को लेकर जानकारी देते हुए माई G फाउंडेशन सोसायटी की अध्यक्ष निधि तिवारी ने बताया कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ी व्यंजन केवल स्वाद नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। ‘छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की बगिया’ के माध्यम से हम शुद्ध, स्वच्छ और पारंपरिक तरीके से बने व्यंजनों को एक मंच पर प्रस्तुत कर रहे हैं, ताकि लोग अपनी जड़ों से जुड़ सकें।”
इस अवसर पर श्रद्धा बुंदेला ने कहा कि “यह आयोजन सिर्फ फूड फेस्टिवल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, गीत-संगीत और पारंपरिक जीवनशैली का उत्सव है। परिवार सहित आने वाले लोग यहां छत्तीसगढ़ की असली खुशबू और स्वाद का अनुभव कर सकेंगे।”

वहीं हेमा शर्मा ने बताया कि आयोजन में व्यंजनों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक परिधानों पर आधारित फैशन शो एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “यह आयोजन सभी वर्गों के लिए है, जहां मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।”
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध होगा। आयोजन को लेकर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है।




