लवेस्की पब्लिक स्कूल में ‘सतरंग’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

सक्ती — वार्षिकोत्सव विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभा को निखारने और अभिभावकों को बच्चों की छुपी क्षमताओं से रूबरू कराने का सशक्त मंच होता है। उक्त उद्गार लवेस्की पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित ‘सतरंग’ सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कुमुदिनी बाघ ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में स्थित विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी को प्रफुल्लित कर दिया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अशासकीय विद्यालय प्रबंधक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने की। उन्होंने अभिभावकों व शिक्षक-शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा से ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है, जबकि संस्कारविहीन शिक्षा समाज को पतन की ओर ले जाती है। उन्होंने अल्प अवधि में विद्यालय प्रबंधन द्वारा अंचल में शिक्षा की अलख जगाने के प्रयासों की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि दुलीचंद साहू ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए शिक्षक-शिक्षिकाओं के परिश्रम को सराहनीय बताया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के कर-कमलों से मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का तिलक-चंदन व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर जिला पत्रकार संघ के सचिव महेंद्र बरेठ, विद्यालय प्रबंधन समिति के राकेश यादव, पुरुषोत्तम श्रीवास, ग्राम सरपंच सहित अनेक गणमान्य नागरिकों की गरिमामय उपस्थिति रही।
विदित हो कि ‘सतरंग’ सांस्कृतिक पर्व के अंतर्गत बच्चों ने एक से बढ़कर एक नृत्य, गीत एवं प्रहसन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर स्कूल प्रबंधक सरोज दास ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि भविष्य में भी सभी बच्चों को अपना प्रेम, स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान करते




