किसानों की आवाज बने आयुष शर्मा, डुमरपारा चक्काजाम में प्रशासन से संवाद कर कराया त्वरित समाधान

सक्ती। धान खरीदी को लेकर जिले में बनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच डुमरपारा धान खरीदी केंद्र में किसानों द्वारा किए गए चक्काजाम के दौरान जिला पंचायत सभापति आयुष शर्मा किसानों की आवाज बनकर सामने आए। मौके पर पहुँचकर उन्होंने न केवल आक्रोशित किसानों से संवाद किया, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे चर्चा कर किसानों की समस्या का त्वरित और व्यावहारिक समाधान कराया।
जानकारी के अनुसार धान खरीदी के दौरान 60 प्रतिशत धान ही लिए जाने की बात सामने आने से किसान आक्रोशित हो गए थे। वैध और क्रमवार टोकन होने के बावजूद पूरी उपज नहीं लिए जाने से किसानों में भारी नाराजगी थी। इसी के विरोध में डुमरपारा में किसानों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन और खरीदी व्यवस्था प्रभावित हुई।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिला पंचायत सभापति आयुष शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने पहले किसानों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि किसी भी किसान के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद आयुष शर्मा ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर स्पष्ट रूप से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप टोकन के अनुसार पूरा धान खरीदा जाना चाहिए। आयुष शर्मा के हस्तक्षेप और प्रशासन से सकारात्मक बातचीत के बाद किसानों की मांगों पर सहमति बनी। प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान का भरोसा मिलने पर किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया, जिसके बाद धान खरीदी की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ हुई। समाधान के बाद किसानों ने राहत की सांस ली और आयुष शर्मा के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर आयुष शर्मा ने कहा कि किसान अन्नदाता है और उसकी मेहनत का सम्मान होना चाहिए। धान खरीदी में किसी भी प्रकार की मनमानी या भ्रम की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि आगे किसी भी खरीदी केंद्र पर किसानों को अनावश्यक परेशान न किया जाए और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी सुनिश्चित की जाए। डुमरपारा की घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है और धान खरीदी सुचारू रूप से चल रही है। किसानों में यह विश्वास जगा है कि संकट की घड़ी में जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं, और प्रशासन भी अब अधिक सतर्कता के साथ खरीदी व्यवस्था को आगे बढ़ा रहा है।




