रगजा में नौ दिवसीय शिवमहापुराण कथा महोत्सव का भव्य समापन, भक्ति और आध्यात्मिकता में डूबा रहा क्षेत्र

सक्ती। रगजा में आयोजित नौ दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा महोत्सव का भव्य एवं श्रद्धामय वातावरण के बीच समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन ने रगजा सहित पूरे सक्ती जिले को भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के रंग में रंग दिया। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान शिव की महिमा का श्रवण करते रहे और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। समापन अवसर पर कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत, जिला पंचायत सभापति विद्या सिदार, कोरबा सांसद प्रतिनिधि पोषक दास महंत, सूरज महंत विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने भगवान शिव का पूजन-अर्चन कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, सकारात्मक सोच और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।
शिवमहापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है : मिथलेश्वरा नंद
पूरे आयोजन के दौरान व्यासपीठ पर विराजमान पंडित मिथलेश्वरा नंद दुबे ने शिवमहापुराण की कथा का सरल एवं भावपूर्ण शैली में वाचन किया। समापन अवसर पर उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। भगवान शिव की सच्ची भक्ति से मन की शुद्धि, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की ओर से रुद्र सेवा संस्थान के भवानी ठाकुर ने बताया कि यह आयोजन गांव की सुख-शांति, समृद्धि और आपसी सद्भाव के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि पूरे ग्रामवासियों के सहयोग से यह नौ दिवसीय महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
विधिवत हवन और भंडारा के साथ हुआ
समापन:-
दिवस पर विधिवत हवन-पूजन, महाआरती एवं भंडारा का आयोजन किया गया। महाआरती के दौरान पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में संरक्षक अजीत साहू, ललित उरांव, बोधराम उरांव; अध्यक्ष फिरतु उरांव; उपाध्यक्ष शैलेन्द्र उरांव, परस उरांव; सचिव राधे उरांव, सुशील उरांव, प्रकाश उरांव, नेहरू उरांव; संचालक देव सिंह उरांव, किशन उरांव; कोषाध्यक्ष नीलसिंह उरांव, सरजू उरांव, राजेंद्र उरांव, रतन उरांव तथा भंडारा प्रमुख एवं व्यवस्थापक हेमा उरांव, मंझला उरांव, फुलसाय उरांव, तीजराम उरांव, झूलन उरांव सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। इस भव्य आयोजन ने रगजा क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया।




