सक्ती जिला

प्रधानमंत्री आवास जारी होते ही अवैध लाल ईट के दामों में बढ़ोत्तरी  

संचालकों द्वारा मनमानी रेट पर बेच रहे हैं ईट 

प्रशासन एवं खनिज विभाग मौन

डभरा,, तहसील डभरा क्षेत्र में अवैध लाल भट्ठे संचालकों की मनमानी चरम सीमा पर है । बिना अनुमति के एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध लाल ईट भट्ठे संचालित है जिससे सरकार हर साल लाखों रुपयों का टैक्स की नुकसान हो रहा है । प्रधानमंत्री आवास की राशि जारी होते ही  अवैध रूप से लाल ईट की बिक्री हो रही है। संचालकों द्वारा मनमानी रेट पर बेच रहे हैं जिसे प्रधानमंत्री आवास बनाने वालों को महंगाई की मार झेलना पड़ रहा है।तहसील डभरा क्षेत्र के चंद्रपुर गोपालपुर छवारीपाली तुलसीडीह डभरा कुसुमझर सुखापाली सहित कई गावों में सड़क किनारे अवैध लाल ईट बनाया गया है जो अभी बारिश के बाद प्रधानमंत्री आवास की लिस्ट  एवं किस्त जारी होने पर दो हजार ईट को 10 हजार रूपये में बेच रहे हैं जबकि पिछले साल 8 हजार रूपये में बेच रहे थे । अधिकारियों एवं खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही एवं मूल्य नियंत्रण नहीं करने के कारण मनमानी रेट पर बेच रहे हैं ।जबकि अवैघ लाल ईट भट्ठे से राज्य सरकार को लाखों रूपयों का नुकसान हो रहा है । खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिस कारण इनके हौसले बुलंद है। अभी वर्तमान में इसी महीने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए हितग्राहियों की लिस्ट जारी की गई है एवं प्रथम किस्त भी डाल दी गई है इसके बाद अवैध ईट संचालको की चेहरे खिल उठे हैं वहीं प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही उपभोक्ता महंगाई की मार झेल रहे हैं।

अब फिर से अवैध लाल ईट संचालकों द्वारा ईट बनाने के लिए चोरी छिपे कोयला डंप किया जा रहा है इस पर भी खनिज  एवं पर्यावरण विभाग कार्रवाई नहीं कर पा रही है

जबकि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फ्लाई ऐश ईट बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया था और सरकारी भावनाओं एवं प्रधानमंत्री आवास में लगाने की बात कही थी मगर यह सब बेईमानी साबित हो रहा है। जबकि डभरा क्षेत्र में कई फ्लाई एस ब्रिक्स  बनाया जा रहा है । क्षेत्र में स्थापित पावर प्लांट कंपनी के फ्लाई ऐश को ईट बनाया जा रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास एवं ग्राम पंचायत में हो रहे भवन निर्माण में फ्लाई एस ब्रिक्स की लगाने के लिए संबंधित विभाग को पत्र नहीं लिखा है जो समझ से परे है।

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