क्राइमसक्ती जिला

सक्ती जिला: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का फर्जी बैंक खोलने वाला मास्टरमाइंड पकड़ाया, नौकरी के नाम पर ठगी करने फैलाया था जाल, गिरोह में शामिल आधा दर्जन लोगों की तलाश तेज, पहले भी कई थानों में दर्ज हैं अपराध..ऐसे ठगते थे बेरोजगारों को!

  • गिरोह में 8 अन्य लोगां की तलाश जारी
  • सक्ती पुलिस की कार्रवाई, सारंगढ़ जिले का रहने वाला है आरोपी

सक्ती– जिले के मालखरौदा थाने के ग्राम छपोरा में फर्जी एसबीआई बैंक की शाखा खोलने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्टेट बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर रूपयए लेकर ठगी करने फर्जी बैंक बनकार लोगों को ठगने का जाल फैलाया था। इस गिरोह में अन्य और भी कई सदस्य शामिल हैं जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने फ्रेस कान्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार छपोरा में खोले गए फर्जी बैंक की शिकायत पुलिस से एसबीआई के मुख्य प्रबंधक जीवराखन कावड़े मुख्य प्रबंधक (प्रशासन) क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय कोरबा जिला कोरबा (छ.ग.) ने 27 सितंबर को की थी। इस दिन एफआईआर भी कर ली गई थी। बैंक के अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच करने के बाद पुलिस को बताया था कि ग्राम छपोरा में फर्जी भारतीय स्टेट बैंक शाखा 18 सितंबर खुली है, जहां 06 व्यक्ति कार्यरत है। पुलिस ने बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में पूछताछ करने पर अनिल भास्कर एवं अन्य के द्वारा एक राय होकर भारतीय स्टेट बैंक में नौकरी लगाने के नाम पर रुपए लेकर छल पूर्वक कूट रचना करते हुए फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर फर्जी बैंक खोल कर धोखाधड़ी करने की बात पता चली। मामला पंजीबद्ध होने के बाद पुलिस लगातार इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कर रही थी। विवेचना दौरान घटना स्थल ग्राम छपोरा से 09 नग कम्प्युटर सेट, प्रिंटर, बैटरी तथा फर्नीचर सामाग्री को जब्त करने की कार्रवाई की गई थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करती पुलिस

ट्रांसफर की गई रकम से हुआ खुलासा-

यहां नौकरी करने वालों से उनके ज्वाईनिंग लेटर भी लेकर उसे जब्त किया गया था। पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने इस गिरोह को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिए थे। पुलिस ने पीड़ित गवाह जो यहां नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार थे उनसे गहन पूछताछ की। यहां काम करने वाले कर्मचारियों चिंटू मरावी, परमेश्वर राठौर, ज्योति यादव, संगीता कंवर के द्वारा आरोपियों को ट्रांसफर की गई रकम एवं उनके कथनों के आधार पर थाना की टीम, साइबर टीम की मदद से आरोपी अनिल भास्कर की गिरफ्तारी हेतु उसके निवास स्थान ग्राम दुम्हनी थाना बिलाईगढ़ पहुंची। आरोपी अपने घर पर ही था। उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ किया गया तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

लोगों को ठगी का शिकार बनाकर खरीदा कार और मोबाइल-

लोगों से ठगी हुई रकम करीब 6 लाख 60 हजार रूपए बताई। उसने प्राप्त पैसों से अपने लिए कार और मोबाईल खरीदे। कुछ रकम अपने साथियों को दे दी। आरोपी के बैंक खाता में बचत रकम 83 हजार रुपए को सीज कराया गया है, आरोपी से 4 लाख कीमत की कार, 03 नग मोबाईल फोन, तथा खाता में बचत रकम 83 हजार कुल 5,03,000 रुपये का मशरुका जब्त किया गया है। पुलिसिया पूछताछ में उनके अन्य 08 सहयोगियों के नाम का भी खुलाशा हुआ है। जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। फिलहाल पकड़े गए मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

पहले भी नौकरी के नाम पर ठगने का अपराध दर्ज है आरोपी के खिलाफ-

अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती मनीष कुंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अनिल भास्कर अभ्यस्त एवं शातिर प्रवृत्ति का है। जिसके विरूद्ध रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर भी साढ़े सात लाख रुपये की ठगी करने का मामला थाना तोरवा जिला बिलासपुर में भी पंजीबद्ध है। जानकारी मिली है कि आरोपी द्वारा अलग-अलग जगहों में कई व्यक्ति से अलग-अलग विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई है।

तो इसलिए तैयार किया था बैंक का फर्जी सेटअप-

फर्जी बैंक की शाखा खोलने वाला आरोपी मास्टरमाइंड फर्जी बैंक की शाखा इसलिए खोला था ताकि ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले बेरोजगारों को बैंक का सेटअप दिखाकर विश्वास दिलाया जा सके की उनकी नौकरी एसबीआई बैंक में लगेगी साथ ही वहां कर्मचारियों को दिखाकर वे अन्य लोगों को भी शिकार बनाते। सेटअप में महज एक लाख र्ख किए गए थे। ताकि यहां आने वालों को बैंक का स्वरूप दिखाई दे। साथ ही नौकरी लगाने के बाद जो कर्मचारी यहां आते उन्हें कुछ दिन प्रशिक्षण का झांसा देकर अन्यत्र ट्रांसफर करने का सब्जबाग दिखाया जाता था। पुलिस का दावा है कि पुलिस की कई टीम इसमें लगी हुई हैं ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस फर्जी बैंक खोलने और नौकरी के नाम ठगी करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को भी जल्द पकड़कर खुलासा किया जाएगा। नौकरी लगाने के नाम ठगों से लोगों को बचना चाहिए। जिनके साथ भी ठगी हुई है उन सभी को एफआईआर दर्ज करानी चाहिए।

मनीष कुंवर, एसडीओपी
सक्ती

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