सक्ती जिला

हसौद को केंद्रीय विद्यालय की बड़ी सौगात, 1996 से हो रही थी मांग 

हसौद। सक्ती के हसौद को केंद्रीय विद्यालय की बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय विद्यालय स्थापना की घोषणा के बाद से हसौद क्षेत्र के लोगों में हर्ष का माहौल है, हसौद परिक्षेत्र के लोगों ने केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर पत्राचार करने वाले और स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जनप्रिय नेता भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा का आभार जताया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने शुक्रवार को देशभर में 85 नए केन्द्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी है। इसमें छत्तीसगढ़ के चार नए केंद्रीय विद्यालय के प्रस्ताव को शामिल किया गया है जिसमें सक्ती जिला के हसौद का नाम शामिल है। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ में तीन और नये केन्द्रीय विद्यालय खुलेंगे। ये नये केन्द्रीय विद्यालय मुंगेली, सूरजपुर, बेमेतरा में खोले जायेंगे। हसौद में केंद्रीय विद्यालय स्थापना की घोषणा के बाद से लोगों में हर्ष व्याप्त है, इस घोषणा के बाद हसौद क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। क्षेत्रवासियों ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए खुशी व्यक्त की है। इस उपलब्धि को क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

पूर्व विधायक सिन्हा ने केंद्र और राज्य सरकार का जताया आभार:-

       केंद्रीय विद्यालय स्थापना की घोषणा के बाद पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह का का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से हसौद क्षेत्र में शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे। 

1996 सें शुरू हुई केंद्रीय विद्यालय की मांग:- 

                        हसौद में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति के लिए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा ने बड़ा संघर्ष किया है। केंद्रीय विद्यालय के लिए सिन्हा 1996 से ही मांग कर रहे थे। उस समय प्रधानमंत्री रहे भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात कर सिन्हा ने इस विषय को उठाया था। इसके बाद से उन्होंने लगातार पत्राचार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, और केंद्रीय विद्यालय संगठन के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई। शुक्रवार को उनकी इस मांग को स्वीकृति मिली है। केंद्रीय विद्यालय स्थापना की घोषणा के बाद पूर्व विधायक सिन्ह के संघर्षों की हसौद ही नही बल्कि पूरे जिले में चर्चा हो रही है। लोगों ने केंद्रीय विद्यालय का पूरा श्रेय निर्मल सिन्हा को दिया है। 

शिक्षा का स्तर होगा बेहतर:-

        हसौद क्षेत्र अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है और शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है। यहां केंद्रीय विद्यालय खुलने से बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और क्षेत्र का शैक्षिक विकास होगा। इसके साथ ही शिक्षा का बेहतर से बेहतर संचार होगा, जिससे बच्चों का शैक्षणिक स्तर ऊंचा उठेगा और वे प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे। हसौद के लोगों को उम्मीद है कि केंद्रीय विद्यालय उनके बच्चों के भविष्य को संवारने और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होगा।

भवन निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा:-

            सूत्रों की माने तो हसौद के जिला सहकारी बैंक के सामने खाली पड़े मैदान पर केंद्रीय विद्यालय के लिए भवन बनवाया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं की गई है। कुछ साल पहले इसी मैदान में अवैध अतिक्रमण हुआ था, जिसे प्रशासन ने कार्रवाई कर खाली करवाया था। इस मैदान को अब तक क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया है। स्थानीय लोगो का मानना है कि यह स्थान केंद्रीय विद्यालय के लिए उपयुक्त होगा, क्योंकि यह क्षेत्र के केंद्र में स्थित है और आसपास की बस्तियों के बच्चों की पहुंच में है।

केंद्रीय विद्यालय के लिए सभी क्षेत्रवासियों को बधाई शुभकामनाएं, यह विद्यालय बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति और घोषणा के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत सभी का आभार व्यक्त करता हूं सभी का आभारी हूं। 

निर्मल सिन्हा

पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष छ.ग.

अभी केंद्रीय विद्यालय की घोसना की गई है, जगह चयन हेतु जैसा निर्देश प्राप्त होगा जगह का चयन किया जाएगा।

भीष्म कुमार पटेल

तहसीलदार,हसौद

फोटो: 1996 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समक्ष केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग रखते हुए

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