शिक्षा व्यवस्था सुधारने मैदान में उतरीं डीईओ, लापरवाही पाए जाने पर शिक्षकों को दंड और प्राचार्य को चेतावनी

सक्ती। शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासन को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) श्रीमती कुमुदिनी वाघ द्विवेदी अब पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। विद्यालयों के स्तर को सुधारने और शिक्षकों में जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से वे लगातार आकस्मिक निरीक्षण कर रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने मंगलवार को शासकीय हाईस्कूल बस्ती, बाराद्वार का औचक निरीक्षण किया।
प्रार्थना सभा से शुरू हुआ निरीक्षण
डीईओ स्वयं सुबह 9:45 बजे विद्यालय पहुँचीं और सबसे पहले प्रार्थना सभा में शामिल हुईं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की अनुशासन व्यवस्था और शिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया।
वेतन काटने का आदेश
निरीक्षण में समय पर विद्यालय नहीं पहुँचने तथा शिक्षक दैनंदिनी का नियमित संधारण नहीं करने पर कु. किशोरी भतपरे (व्याख्याता अंग्रेज़ी) एवं श्रीमती जयंती कंवर (व्याख्याता विज्ञान) का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। यह निर्णय शिक्षकों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया।

प्राचार्य और अन्य शिक्षकों को नोटिस
डीईओ ने विद्यालय में अनुशासनहीनता और शिक्षकों पर नियंत्रण नहीं होने की स्थिति को गंभीर माना। उन्होंने प्रभारी प्राचार्य श्री गोविंद प्रसाद राठौर को कारण बताओ सूचना जारी की।
इसके अतिरिक्त, श्री नरेन्द्र कुमार साहू (व्याख्याता गणित) को पूर्व तैयारी के अभाव में अध्यापन नहीं कराने और दैनंदिनी का संधारण नहीं करने पर नोटिस जारी किया गया।
निरीक्षण में मौजूद रहे बीईओ
निरीक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सक्ती श्री दिलीप कुमार पटेल भी उपस्थित रहे। डीईओ ने उन्हें विद्यालयों में अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित कराने के लिए सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
शिक्षा में सुधार का संदेश
डीईओ श्रीमती वाघ द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य निर्माता होते हैं, ऐसे में समयपालन और जिम्मेदारी से पढ़ाना उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”
इस औचक निरीक्षण और की गई कार्रवाई को लेकर विद्यालयों में खलबली मच गई है। शिक्षकों में संदेश गया है कि लापरवाही पर अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।




