झोलाछाप डॉक्टरों और बिना पंजीयन मेडिकल स्टोर्स पर गिरी स्वास्थ्य विभाग की गाज,

छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत सक्ती जिले में कार्रवाई, दो क्लिनिक बंद – दो मेडिकल स्टोर्स पर भी जांच
सक्ती।
अवैध रूप से इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों और बिना पंजीयन मेडिकल स्टोर्स पर अब स्वास्थ्य विभाग सख्त रुख अपनाने लगा है। छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत शुक्रवार को सक्ती जिले में जिला स्तरीय जांच दल ने कार्यवाही करते हुए दो झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। इसके साथ ही दो मेडिकल स्टोर्स की भी जांच की गई, जहाँ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर नियमानुसार कार्यवाही की गई।
स्टेशन रोड और अकराभाठा में झोलाछापों के क्लिनिक सील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल के मार्गदर्शन में जांच दल ने सबसे पहले स्टेशन रोड, सक्ती स्थित के.एल. कुरें क्लिनिक और अकराभाठा, सक्ती स्थित मुकेश देवागन क्लिनिक का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि दोनों क्लिनिक बिना किसी वैध डिग्री और पंजीयन के अवैध रूप से उपचार कर रहे थे।
मौके पर नीडल, दवाइयाँ, इंजेक्शन और अन्य चिकित्सा सामग्री बरामद हुई, लेकिन संचालकों के पास कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके आधार पर दोनों क्लिनिक को तुरंत बंद करने की कार्रवाई की गई।
भदरी चौक और चरौदी के मेडिकल स्टोर्स पर भी छापा
इसके बाद जांच दल ने मालखरौदा विकासखंड के भदरी चौक कुधरी में संचालित इंदु मेडिकल स्टोर और मेन रोड चरौदी स्थित ज्योति मेडिकल स्टोर्स की जांच की। यहाँ भी चिकित्सा उपकरण और दवाइयाँ तो पाई गईं, लेकिन मान्य पंजीयन प्रमाण पत्र व डिग्री उपलब्ध नहीं कराई गई। विभाग ने दोनों मेडिकल स्टोर्स पर नर्सिंग होम एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की।
आम जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत और योग्य चिकित्सकों से ही उपचार कराएं। विभाग ने कहा कि यदि कहीं अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करते व्यक्तियों की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या सीएमएचओ कार्यालय को दें।
जांच दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में नोडल नर्सिंग होम एक्ट डॉ. सुदर्शन भारद्वाज, डीएचओ डॉ. पी. सिंह कंवर, औषधि निरीक्षक सुश्री नेहा मिंज, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




