विश्व दृष्टि दिवस पर मालखरौदा में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम — मोबाइल की लत और शुगर मरीजों में बढ़ रहा आंखों का खतरा, विशेषज्ञों ने दी जरूरी सलाह

अरुण निराला संवाददाता-सक्ती/मालखरौदा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. मृत्युंजय राठौर एवं ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर श्री थानेश पटेल के मार्गदर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मालखरौदा में विश्व दृष्टि दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेत्र सहायक अधिकारी श्री सुरेश मनहर एवं श्री राजेंद्र लहरे द्वारा आंखों की देखभाल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
नेत्र सहायक अधिकारियों ने बताया कि आज की जीवनशैली में आंखों की सेहत बड़ी चुनौती बनती जा रही है। सोशल मीडिया और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी की दृष्टि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। छोटे बच्चे जहां बचपन से ही मोबाइल की लत का शिकार हो रहे हैं, वहीं युवा वर्ग अधिकांश समय कंप्यूटर, टीवी और प्रोजेक्टर स्क्रीन के सामने बिता रहा है, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि मधुमेह (शुगर) के मरीजों में आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि शुगर लेवल नियंत्रित नहीं रखा जाए तो आंखों की पर्दा (रेटिना) कमजोर हो जाती है, जिससे स्थायी दृष्टिहीनता का खतरा रहता है। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि 40 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को आंखों की सुरक्षा के उपाय, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्क्रीन से उचित दूरी बनाए रखने जैसी महत्वपूर्ण बातें बताई गईं।
सीएचसी मालखरौदा में तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क नेत्र जांच सुविधा उपलब्ध है, जिसका लाभ नागरिक किसी भी कार्यदिवस में ले सकते हैं।
विश्व दृष्टि दिवस का यह आयोजन लोगों में आंखों की सेहत के प्रति जागरूकता लाने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।




