सारसकेला में डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का भव्य अनावरण — प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने किया लोकार्पण, सरपंच अमीषा सुनील बंजारे के प्रयासों से कार्यक्रम बना ऐतिहासिक

अरुण निराला संवाददाता सक्ती, 15 अक्टूबर 2025।
मालखरौदा। जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम सारसकेला में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब भारतीय संविधान के निर्माता, समाज सुधारक, शिक्षाविद और दलित वर्ग के मसीहा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह गौरवशाली पल जिला प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहब के करकमलों से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे ग्राम में हर्ष, उल्लास और गर्व की लहर दौड़ गई।
बाजे गाजे के साथ, जय भीम के नारों और पुष्पवर्षा के बीच मंत्री गुरु खुशवंत साहब का काफिला जैसे ही गांव पहुंचा, तो हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

गांव में मंत्री जी का भव्य स्वागत
सारसकेला की सरपंच श्रीमती अमीषा सुनील बंजारे ने मंत्री जी का पारंपरिक रीति से स्वागत किया और उन्हें लड्डू से तोला, जो छत्तीसगढ़ी परंपरा में सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। ग्रामवासियों ने मंत्री जी पर पुष्पवर्षा की और “जय भीम” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। मंत्री जी ने भी ग्रामीणों का अभिवादन करते हुए उनके स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।


मूर्ति स्थापना में सरपंच अमीषा सुनील बंजारे का महत्वपूर्ण योगदान
इस भव्य आयोजन की सफलता और प्रतिमा स्थापना के पीछे ग्राम सरपंच श्रीमती सुनील बंजारे की निरंतर मेहनत और समर्पण की अहम भूमिका रही। उनके अथक प्रयासों से ही डॉ. अंबेडकर जी की प्रतिमा ग्राम सारसकेला में स्थापित हो सकी।
सुनील बंजारे ने बताया कि “बाबा साहब की प्रतिमा ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां उनके बताए रास्ते पर चलें।”
ग्रामवासी भी मानते हैं कि सरपंच सुनील बंजारे ने न केवल प्रतिमा स्थापना में योगदान दिया, बल्कि ग्राम सारसकेला के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

मंचासीन अतिथियों की उपस्थिति से गरिमा बढ़ी
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, भाजपा प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट सदस्य श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव, भाजपा जिला अध्यक्ष टिकेश्वर गवेल,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रोपती कीर्तन चंद्रा,, पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णकांत चन्द्रा,, जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा, भाजपा मंत्री लोकेश साहू, एवं भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
साथ ही आसपास के गांवों लोग भी बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।

प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहब का प्रेरणादायक उद्बोधन
मुख्य अतिथि के रूप में मंच को संबोधित करते हुए मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा –
> “आज का दिन मेरे जीवन का सबसे सौभाग्यशाली दिन है। शक्ति जिले के प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार आपके बीच आने का अवसर मिला, और वह भी उस स्थान पर, जहाँ हम सभी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण कर रहे हैं — यह मेरे लिए गर्व का क्षण है।”
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जिस समाज में समानता, शिक्षा और आत्मसम्मान का सपना देखा था, भाजपा सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।
मंत्री जी ने कहा कि —
> “डॉ. अंबेडकर जी ने हमें संविधान के माध्यम से न्याय, स्वतंत्रता और समानता का अधिकार दिया। भाजपा सरकार ने हमेशा उनके सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा है। यह भाजपा ही है जिसने उन्हें ‘भारत रत्न’ सम्मान देकर देश की ओर से सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।”
उन्होंने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा सतनामी समाज, अनुसूचित जाति एवं वंचित वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मंत्री जी ने ग्रामवासियों को शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर बच्चा शिक्षित होगा।

सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि डॉ. अंबेडकर जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं, जो हर पीढ़ी को समानता और अधिकारों की प्रेरणा देते रहेंगे।
बाबा साहब के विचार आज भी समाज में जीवंत हैं, और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। आगे कहा कि यह आयोजन केवल प्रतिमा अनावरण नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जागरूकता का प्रतीक है।
गांव में उमड़ा उत्साह, कार्यक्रम बना ऐतिहासिक
कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासी, युवा, महिलाएं, बच्चे सभी उत्साहित दिखाई दिए। मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने अंबेडकर जी के जीवन और संघर्षों पर आधारित गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया।


गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि यह पहली बार हुआ है जब इतने बड़े स्तर पर मंत्री और सांसद सहित वरिष्ठ नेताओं का ग्राम में आगमन हुआ। पूरा गांव गर्व से अभिभूत था।
अंत में सरपंच श्रीमती अमीषा सुनील बंजारे ने सभी आगंतुकों, अधिकारियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
ग्रामवासियों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों ने कहा कि यह दिन ग्राम सारसकेला के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। बाबा साहब की प्रतिमा यहां स्थापित होने से आने वाली पीढ़ियां संविधान, समानता और शिक्षा के महत्व को समझेंगी।

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