सक्ती चा राजा “श्री गणेश” की साढ़े दस फीट ऊंची प्रतिमा, हटरी चौक के भव्य पंडाल में उमड़ा सैलाब — बादलों के बीच विराजमान प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

- सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे का होगा भव्य आयोजन
सक्ती। गणेश चतुर्थी पर्व पर इस वर्ष हटरी चौक का दृश्य देखते ही बनता है। HCS चाइल्ड क्लब द्वारा तैयार किए गए भव्य पंडाल में सक्ति चा राजा श्री गणेश की साढ़े दस फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा के नगर आगमन पर गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों की गूंज से पूरा इलाका भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं का जोश और उत्साह इतना था कि प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
इतिहास का सबसे विशाल और अनोखा पंडाल
नगर के इतिहास में अब तक का यह सबसे बड़ा और आकर्षक गणेश पंडाल माना जा रहा है। HCS चाइल्ड क्लब द्वारा प्रतिवर्ष अलग-अलग थीम पर पंडाल सजाया जाता है। इस बार की थीम ऐसी है कि मानो बादलों के बीच भगवान श्री गणेश विराजमान हों। रंग-बिरंगी लाइटिंग और कलात्मक सजावट से यह नजारा और भी अलौकिक प्रतीत होता है।
स्थानीय कारीगरों की मेहनत और सूरत का आइडिया
इस वर्ष का आइडिया सूरत से लिया गया था, जिसे स्थानीय कारीगरों ने अपनी कुशलता से साकार किया। प्रतिमा को अंतिम रूप नगर के कार्तिक आर्ट ने दिया, जिनकी कलाकारी और सूक्ष्म नक्काशी की नगरभर में सराहना हो रही है।
भक्तों का उत्साह और अनुभव
प्रतिमा दर्शन के लिए आए श्रद्धालु अंकित अग्रवाल ने कहा— “ऐसा लग रहा है मानो सचमुच बादलों के बीच श्री गणेश विराजमान हैं। इतने सुंदर पंडाल और प्रतिमा पहली बार देख रहा हूँ। यह सक्ती नगर के लिए गौरव की बात है।”
वहीं मोहल्ले की महिलाओं ने भी अपनी खुशी साझा करते हुए कहा— “यहां आकर मन को अद्भुत शांति और आनंद मिलता है। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करना और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखना, सब कुछ बहुत अच्छा लग रहा है।”
बच्चों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। पंडाल देखने आए बालक ने बताया— “हमें यहां मटका फोड़ और म्यूजिकल चेयर का इंतजार है। इस बार का गणेशोत्सव बहुत मजेदार होने वाला है।”
10 दिनों तक पूजन, भजन और सांस्कृतिक आयोजन
पूरे 10 दिनों तक हटरी चौक का पंडाल आस्था और भक्ति का केंद्र बना रहेगा। प्रतिदिन सुबह-शाम पूजन-अर्चन और आरती के साथ-साथ भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।
विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम इस प्रकार हैं —
30 अगस्त : मटका फोड़ प्रतियोगिता
31 अगस्त : संगीतमय हाउजी
1 सितम्बर : म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता
2 सितम्बर : जसगीत संध्या
श्रद्धालुओं के लिए विशेष भंडारा
30 अगस्त से 3 सितम्बर तक प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। सुबह से देर शाम तक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
निस्संदेह, इस बार का गणेश उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गया है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का भी शानदार उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। सुबह से देर रात तक हटरी चौक में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। कोई गणेश वंदना कर रहा है तो कोई अपने परिवार संग तस्वीरें खींचकर यादें सहेज रहा है।
“सक्ती चा राजा” श्री गणेश इस बार नगरवासियों के लिए भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक उमंग का ऐसा संगम लेकर आए हैं, जिसे लोग वर्षों तक याद करेंगे।




