राजस्व जिला सक्ती को सिविल जिला बनाए जाने हेतु अधिवक्ता संघ ने रखा अनुरोध — हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा “तथास्तु”

अरुण निराला संवाददाता, सक्ती। हाई कोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा का शुक्रवार, 24 अक्टूबर को सक्ती न्यायालय आगमन हुआ। इस अवसर पर उन्होंने न्यायालय परिसर का निरीक्षण किया एवं सक्ति जिला अधिवक्ता संघ के सम्माननीय अधिवक्ताओं से सौहार्दपूर्ण चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता संजय अग्रवाल ने माननीय मुख्य न्यायाधीश को राजस्व जिला सक्ती को सिविल जिला घोषित किए जाने संबंधी अनुरोध पत्र सौंपा। इस पर माननीय मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने “तथास्तु” कहते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिवक्ता संजय अग्रवाल द्वारा दिए गए निवेदन पत्र में उल्लेख किया गया कि—
सक्ति को राजस्व जिला के रूप में 09 सितंबर 2022 को घोषित किया गया था, जबकि यहां व्यवहार न्यायालय की स्थापना वर्ष 1963 में ही हो चुकी है।
वर्तमान में सक्ती में तीन अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, न्यायिक दंडाधिकारी एवं परिवार न्यायालय संचालित हैं।
न्यायिक प्रकरणों की संख्या अत्यधिक होने से सिविल जिला न्यायालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
सक्ती मुख्यालय से जांजगीर की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है, जबकि राजस्व जिला सक्ती में 05 ब्लॉक मुख्यालय एवं 03 विधानसभा क्षेत्र आते हैं।
जिले के अंतिम छोर चन्द्रपुर से जांजगीर की दूरी लगभग 115 किलोमीटर है।
सक्ती में रेलवे स्टेशन हावड़ा–मुम्बई मुख्य रेलमार्ग पर स्थित है, जहाँ प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी होता है।
साथ ही नए न्यायालय भवन का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अरुण सोम, सक्ति न्यायालय परिवार एवं सभी सम्माननीय अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
अधिवक्ता संघ ने माननीय मुख्य न्यायाधीश का आत्मीय स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।




