“मनरेगा को खत्म करने की साजिश कर रही भाजपा सरकार, कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन – उमेश पटेल”

खरसिया। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए जा रहे बदलावों को लेकर खरसिया विधायक उमेश पटेल ने तीखा हमला बोला है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए जीवनरेखा साबित हुई योजना है, लेकिन भाजपा सरकार इसे चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की तैयारी में जुटी है। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन करेगी।
विधायक उमेश पटेल ने कहा कि मनरेगा एक केंद्रीय कानून के तहत लागू योजना थी, जिसमें मजदूरी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करती थी। अब भाजपा सरकार इसे बदलकर 60:40 के अनुपात में केंद्र–राज्य हिस्सेदारी लागू करना चाहती है। इतना ही नहीं, नई व्यवस्था में पहले राज्य सरकार को 50 प्रतिशत राशि “मैचिंग ग्रांट” के रूप में जमा करनी होगी, तभी केंद्र सरकार अपनी हिस्सेदारी जारी करेगी। उन्होंने कहा कि राज्यों की कमजोर वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह व्यवस्था मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने का रास्ता खोल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस बदलाव के जरिए राज्यों पर लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना चाहती है। ऐसे में राज्य सरकारें खर्च से बचने के लिए काम देना ही बंद कर देंगी और मनरेगा योजना कागजों तक सिमट कर रह जाएगी। उमेश पटेल ने कहा कि यह योजना देश के सबसे गरीब और वंचित वर्ग के लिए रोजगार का सबसे बड़ा सहारा रही है। कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी मनरेगा ने करोड़ों मजदूरों को आजीविका दी, लेकिन 60:40 की व्यवस्था लाकर भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर रही है, जो सीधे-सीधे गरीब मजदूरों के खिलाफ है।
विधायक ने 100 दिन के बजाय 125 दिन काम देने के दावे को भी “वादा खिलाफी का नया वादा” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा पहले भी कई वादे किए गए, लेकिन आज तक पूरे नहीं हुए। इसी तरह 125 दिन काम और 15 दिन में भुगतान की बात केवल झूठा दावा है, जिससे गरीबों के साथ मजाक किया जा रहा है। उमेश पटेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद लगभग 70 प्रतिशत गांवों में अघोषित रूप से मनरेगा के काम बंद कर दिए गए हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में मनरेगा के तहत औसतन केवल 38 दिन का ही काम मिला है। जब 100 दिन का काम कभी दिया ही नहीं गया, तो 125 दिन का दावा किस आधार पर किया जा रहा है? विधायक ने चेतावनी दी कि मनरेगा में काम नहीं मिलने से पलायन बढ़ेगा और गरीबों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी।
प्रेस वार्ता में चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रश्मि गबेल, जिला ग्रामीण कांग्रेस, जिला समन्वयक प्रशान्त मिश्रा, अध्यक्ष मेनका जायसवाल, जिला विधायक प्रतिनिधि गुलजार सिंह ठाकुर, गिरधर जायसवाल, अलका जायसवाल, गीता देवांगन, विजया जायसवाल, राइस किंग खुंटे, राकेश रोशन महंत, भुरू अग्रवाल, लाला सोनी, पिन्टू ठाकुर, महबूब भाई, प्रताप चंद्रा, राजेश खूंटे, कला संडे, रोहित यादव, उमेश यादव, अमित राठौर और राजीव जायसवाल सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




