बिहार चुनाव 2025 के रुझानों में एनडीए को मिली बढ़त, 150 से अधिक सीटों के आसार — नीतीश सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू होते ही सामने आए रुझानों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि राज्य में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने के प्रबल आसार बन चुके हैं। शुरुआती और मध्य रुझानों में एनडीए गठबंधन 150 से अधिक सीटों पर आगे दिख रहा है, जबकि महागठबंधन और अन्य दल पीछे चल रहे हैं।
सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होने के साथ ही पहले घंटे में आए ट्रेंड्स ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया। पटना, गया, मोतिहारी, दरभंगा, मधुबनी, सारण, भोजपुर, तिरहुत समेत कई क्षेत्रों में एनडीए ने उल्लेखनीय बढ़त बना ली है।
महागठबंधन पिछड़ा, नए दलों की एंट्री का असर सीमित
महागठबंधन को उम्मीदों के अनुरूप समर्थन नहीं मिलता दिख रहा है। कई सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार संघर्ष की स्थिति में हैं।
जन सुराज जैसे नए दल मैदान में उतरने के बावजूद निर्णायक प्रभाव नहीं दिखा पा रहे हैं।
एनडीए की बढ़त के कारण
रुझान बताते हैं कि एनडीए को मिली बढ़त के पीछे कई प्रमुख कारण रहे—
नीतीश कुमार के नेतृत्व और सुशासन मॉडल में भरोसा
महिलाओं व युवा वर्ग का समर्थन
योजनाओं और लाभार्थी वर्ग तक पहुंच
संगठित चुनाव प्रबंधन और बूथ माइक्रो मैनेजमेंट
विशेषज्ञ बताते हैं कि सामाजिक समीकरणों और विकास नीति के मेल ने एनडीए की स्थिति मजबूत की है।
मतदान प्रतिशत रहा ऐतिहासिक
राज्य में इस बार मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। दूसरे चरण में हुआ लगभग 69% मतदान बिहार के चुनावी इतिहास में नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
उच्च मतदान से संकेत मिले थे कि चुनाव में तीव्र प्रतिस्पर्धा होगी, जिसका प्रत्यक्ष असर रुझानों में देखने को मिल रहा है।
सरकार गठन की तस्वीर साफ होती हुई
रुझानों के अनुसार अगर एनडीए की बढ़त इसी तरह बरकरार रहती है, तो गठबंधन के पास आने वाले कार्यकाल के लिए मजबूत बहुमत होगा।
243 सदस्यीय विधानसभा में 122 का आंकड़ा बहुमत के लिए आवश्यक है, जिसे एनडीए आराम से पार करता दिख रहा है।
अभी परिणाम नहीं, अंतिम घोषणा शाम तक
चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक परिणाम देर शाम तक जारी किए जाएंगे।
रुझानों को देखते हुए राजनीतिक हलकों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी दलों में निराशा की स्थिति बनती नजर आ रही है।




