सक्ती जिला

गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर प्रारंभ, जयकारों से गूंजे घाट – श्रद्धा और उल्लास में डूबा सक्ती जिला

सक्ती। गणेश चतुर्थी पर स्थापित बप्पा की प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम सक्ती जिले में धूमधाम से प्रारंभ हो गया है। सोमवार रात से लेकर मंगलवार तक नगर और ग्रामीण अंचलों के विभिन्न मोहल्लों व पंडालों से गणेश प्रतिमाओं को शोभायात्रा के रूप में विसर्जन स्थलों तक ले जाया गया। ढोल-ढमाकों, बैंड-बाजों और “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के गगनभेदी जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

झूमते-गाते पहुंचाए गए बप्पा

नगर के प्रमुख तालाबों और नदी घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बच्चे, युवा और महिलाएं सजधज कर विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। कई जगह भक्त झूमते-गाते नाचते हुए प्रतिमाओं को विदाई देने पहुंचे। प्रतिमा विसर्जन के साथ भक्तों की आंखें भी नम हो उठीं।

नगर पालिका और प्रशासन की तैयारी

विसर्जन के मद्देनजर नगर पालिका और जिला प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। नगर के तालाबों और विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई की गई। भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा हेतु पुलिस बल और गोताखोरों की तैनाती की गई। वहीं यातायात व्यवस्था के लिए मार्ग डायवर्ट किए गए।

गांव-गांव में उत्सव का रंग

केवल नगर ही नहीं बल्कि गांव-गांव में भी गणेश विसर्जन का माहौल देखने को मिला। ग्रामीण अंचलों में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्यों के साथ प्रतिमाओं को तालाबों व नदियों में विसर्जित किया गया।

भक्ति और भावनाओं का संगम

गणपति की विदाई के समय श्रद्धालु भावुक हो उठे और अगले वर्ष फिर से बप्पा के आगमन की कामना की। जयकारों के बीच वातावरण में भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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