सक्ती जिलासक्ती नगर

शिक्षकों के विभिन्न समस्याओं की निराकरण हेतु छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए क्रांतिकारी शिक्षकों का एक समूह एकजुट हुआ है। छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ जिला सक्ती ने 21 मार्च को कलेक्टर के साथ-साथ मुख्यमंत्री और विभिन्न विभागों को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में शिक्षक पंचायत संवर्ग के संघर्ष और बलिदान पर प्रकाश डाला गया है, जिन्होंने राज्य भर के स्कूलों में सेवा करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है। उनके अथक प्रयासों के बावजूद, उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से पूरी सेवा अवधि की गणना नहीं की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप उन्हें पेंशन और पदोन्नति जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। शिक्षकों की मांग है कि उनकी सेवा अवधि को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से माना जाए और उसी के अनुसार सभी लाभ प्रदान किए जाएं। इससे न केवल उनकी समर्पित सेवा को मान्यता मिलेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित होगा कि उन्हें वे अधिकार मिलें जिनके वे हकदार हैं। ज्ञापन में उठाई गई एक अन्य प्रमुख चिंता राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में प्राचार्य और व्याख्याता के पदों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया है। शिक्षकों ने अनुरोध किया है कि एससी/एसटी वर्ग के कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों के हनन से बचने के लिए आरक्षण रोस्टर के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एसएलपी डायरी क्रमांक 5555/2025 में दिए गए निर्णय के अनुरूप है, जो सभी के संवैधानिक अधिकारों को बनाए रखने के लिए पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन करने के महत्व पर प्रकाश डालता है। साथ ही, सक्ती की जिला इकाई ने छत्तीसगढ़ राज्य में 3000 बीएड धारक नियुक्त शिक्षकों को सेवा से हटाने के निर्णय पर अपनी निराशा और खेद भी व्यक्त किया है। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक अधिसूचना जारी होने के बाद किया गया था, जिसका छत्तीसगढ़ में बीएड धारक सहायक शिक्षकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। शिक्षकों ने इन व्यक्तियों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। छत्तीसगढ़ क्रांतिकारी शिक्षक संघ जिला सक्ती राज्य में शिक्षकों के सामने आने वाले ज्वलंत मुद्दों को संबोधित करने और हल करने का प्रयास कर रहा है। उनकी मांगों का उद्देश्य न केवल समर्पित शिक्षकों को न्याय और मान्यता प्रदान करना है, बल्कि सभी कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों को भी बनाए रखना है।इस अवसर पर सक्ती जिला के क्रांतिकारी जिलाअध्यक्ष विजय कुमार खूंटे,देव भारद्वाज (जिला सचिव),लोकेश बघेल(ब्लॉक अध्यक्ष जैजैपुर) , वेदप्रकाश दिवाकर(जिला प्रवक्ता),प्रदीप पंकज(जिला संगठन सचिव),कैलाश कुर्रे जिला उपाध्यक्ष) एवं अन्य पदाधिकारी व सदस्यों की उपस्तिथि में ज्ञापन सौपा गया।

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