मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 140 जोड़े विवाह बंधन में बंधे
हसौद में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हसौद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 11 दिसंबर को सक्ती जिले के प्रवास पर पहुंचे, जहां उनके मुख्य आतिथ्य में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत विकासखंड जैजैपुर के हसौद में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 140 जोड़े ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिणय सूत्र में बंधकर अपना नया जीवन शुरू किया।
मुख्यमंत्री साय ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखी दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने वर-वधुओं को परिवार में सम्मान, संयम तथा जीवन के हर उतार-चढ़ाव में एक-दूसरे का साथ निभाने की प्रेरणा दी।
गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना गरीब, जरूरतमंद और निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस पहल से दहेज प्रथा, फिजूलखर्ची पर रोक लगती है तथा सामाजिक समानता और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा मिलता है।
प्रति जोड़ा 50 हजार रुपए का सरकारी खर्च
कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रति जोड़े पर 50,000 रुपए खर्च किए जाते हैं। पहले यह राशि 25 हजार थी, जिसे राज्य सरकार ने बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है।
36 हजार रुपए की उपहार एवं परिवहन सहायता राशि का चेक मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को सौंपा।
शेष राशि से वर-वधू हेतु आभूषण, श्रृंगार सामग्री, वस्त्र एवं अन्य आवश्यक सामान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व विधायक निर्मल वर्मा, पूर्व विधायक खिलावन साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, उपाध्यक्ष कमल किशोर पटेल, जिला पंचायत सदस्य आयुष शर्मा, टिकेश्वर गवेल, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इसके साथ ही बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील कुमार जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, एसपी प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वाशु जैन सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी तथा वर-वधुओं के परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
सामूहिक विवाह ने बढ़ाई सामाजिक एकता
सामूहिक विवाह समारोह ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल दिया, बल्कि समाज में सादगी, समानता और सामूहिक सहयोग का सुंदर संदेश भी दिया।




