सक्ती जिला

बंधाईपारा में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन, श्रद्धा और सद्भावना से गूंज उठा ग्राम सपिया

सक्ती जिला, अड़भार तहसील, ग्राम सपिया (बंधाईपारा): ग्राम सपिया के बंधाईपारा में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गणेश चतुर्थी का पावन पर्व पूर्ण श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक भावना के साथ मनाया गया। सद्भावना गणेश उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे गांव को एकजुट करते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।

गणपति बप्पा की स्थापना और पूजा-अर्चना

गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ श्री गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना की। सात दिवसीय पूजन कार्यक्रम में प्रतिदिन भजन-कीर्तन, आरती और विविध सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें ग्राम के बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक सभी की सक्रिय भागीदारी रही।

सद्भावना समिति द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन

विसर्जन से पूर्व गणेश उत्सव समिति द्वारा सामूहिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। ग्रामीणों ने बताया कि यह भंडारा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक बन गया है।

भंडारे में विशेष रूप से युवकों की सहभागिता सराहनीय रही, जिन्होंने प्रसाद निर्माण से लेकर वितरण तक की व्यवस्था में बढ़-चढ़कर योगदान दिया। बच्चों और युवाओं ने भोजन व्यवस्था में सेवा भावना के साथ सहयोग किया।

शोभायात्रा और विसर्जन कार्यक्रम

भंडारे के पश्चात बप्पा की प्रतिमा को गांवभर में बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में घुमाया गया। श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष के साथ उत्साहपूर्वक नृत्य करते हुए चल रहे थे।

गांव के मुख्य मार्गों से होते हुए शोभायात्रा विसर्जन स्थल की ओर बढ़ी, जहां विधिपूर्वक प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान लोगों की आंखों में बप्पा के वियोग का दुख और अगले वर्ष के पुनः आगमन की आशा दोनों झलक रही थीं।

ग्रामवासियों की सहभागिता सराहनीय

इस पूरे आयोजन में ग्रामवासियों का भरपूर सहयोग देखने को मिला। चाहे मंच निर्माण हो, सजावट, विद्युत व्यवस्था, या भंडारे की तैयारी—हर कार्य में सामूहिक प्रयास और परस्पर सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी।

सुख-समृद्धि की कामना के साथ समापन

ग्रामवासियों ने गणपति बप्पा से गांव के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बना।

“बंधाईपारा गणेश उत्सव” अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ग्राम की एक सशक्त सांस्कृतिक परंपरा बन चुका है, जो हर वर्ष पूरे ग्राम को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है।

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