सक्ती जिला

जैजैपुर ब्लॉक के निजी स्कूलों में शासकीय किताबों की आपूर्ति में देरी, छात्र-छात्राओं की पढ़ाई ठप

जैजैपुर। शिक्षा के क्षेत्र में समानता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर वर्ष शासकीय किताबें निशुल्क वितरित करती है, लेकिन जैजैपुर ब्लॉक के निजी स्कूलों में अभी तक यह व्यवस्था धरातल पर उतरती नजर नहीं आ रही है। छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के माध्यम से वितरित की जाने वाली शासकीय किताबें अब तक जैजैपुर ब्लॉक के निजी शैक्षणिक संस्थानों तक नहीं पहुंची हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

जिले के अन्य तीन ब्लॉक — सक्ति, डभरा एवं मालखरौदा — में शासकीय किताबों का वितरण पहले ही संपन्न हो चुका है। वहां के छात्र-छात्राएं नए शैक्षणिक सत्र के साथ अपनी पढ़ाई नियमित रूप से शुरू कर चुके हैं, जबकि जैजैपुर ब्लॉक के स्कूलों में किताबों की अनुपलब्धता के कारण न तो पढ़ाई ठीक से शुरू हो पाई है और न ही पाठ्यक्रम की योजना बन सकी है।

समय-सारणी तक नहीं दी गई-

स्थिति को और भी चिंताजनक बनाने वाली बात यह है कि अब तक पाठ्यपुस्तक निगम अथवा जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जैजैपुर के निजी स्कूलों को पुस्तकों के वितरण की कोई स्पष्ट समय-सारणी या जानकारी नहीं दी गई है। स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

शिक्षकों और पालकों में बढ़ती चिंता-

किताबों के अभाव में शिक्षक बिना पाठ्यपुस्तकों के पढ़ाने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की समझ और अभ्यास दोनों प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, अभिभावकों में भी इस विषय को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार अगर निशुल्क किताबें दे रही है तो समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों का शैक्षणिक नुकसान न हो।

प्रशासन से समाधान की उम्मीद-

स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि यदि जल्द ही यह स्थिति नहीं सुधरी, तो जैजैपुर ब्लॉक के छात्र अन्य क्षेत्रों के छात्रों से पिछड़ सकते हैं। अब स्कूल प्रबंधन, पालक और छात्र सभी यही उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए शीघ्र कदम उठाएंगे।

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