विकसित छत्तीसगढ़ 2047 विषय पर गोष्ठी तथा होनहार विद्यार्थियों का सम्मान

डभरा, छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में 12 सितंबर को शासकीय स्नातक महाविद्यालय डभरा में विकसित छत्तीसगढ़ 50 एवं छत्तीसग 2047 विषय पर एक ळसेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के विकास की दृष्टि से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई, जिसमें शिक्षा अर्थव्यवस्था पर्यावरण और सामाजिक समावेशन जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई। सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत डभरा के अध्यक्ष दीपक कंवलधर साहू विशिष्ट अतिथि एसबीआई डभरा के ब्रांच मैनेजर संतोष लकड़ा और अति विशिष्ट अतिथि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष घासीराम अग्रवाल मुख्य वक्ता के रूप में डॉ ए आर बंजारे साहित्यकार शिवरीनारायण भू पू प्राचार्य शासकीय लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय खरौद एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर पी आर कठौतिया तथा दिनेश बरेठ शैलेश बंजारे ज. भा. समिति दिलीप गुप्ता नरेंद्र साहू भारतीय स्टेट बैंक डभरा एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक श्री पी सिदार उपस्थिति रहे।
सेमिनार का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत से हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. पी. आर. कठौतिया, प्राचार्य शासकीय स्नातक महाविद्यालय डभरा ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। भारतीय स्टेट बैंक शाखा डभरा के ब्रांच मैनेजर लकड़ा के द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष में विश्वविद्यालय में इस महाविद्यालय के होनहार विद्यार्थियों दीपा कमल चन्द्रा महेश पटेल ,मीनू टंडन , सरिता ने जो मेरिट में स्थान बनाई हैं इस उपलब्धि के लिए उन्हें मोमेंटो के साथ सम्मानित किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों को भी सम्मानित किये। उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि दीपक साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़,जो 2000 में स्थापित हुआ था अब अपनी रजत जयंती मना रहा है। यह अवसर न केवल अतीत की उपलब्धियों का उत्सव है। विशिष्ट अतिथि संतोष लकड़ा ने आर्थिक विकास के पहलू पर प्रकाश डाला। एसबीआई के ब्रांच मैनेजर होने के नाते उन्होंने राज्य में बैंकिंग और वित्तीय समावेशन की स्थिति का जिक्र किया एवं साईबर फ्रॉड से बचने के उपाय भी बताए।मुख्य वक्ता डॉ. ए. आर. बंजारे ने सेमिनार को एक नई ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने अपने व्याख्यान में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को विकास की धुरी बताया। कार्यक्रम में छात्र छात्राओं का विशेष योगदान रहा जिसमें गनपत निराला,सूरज कुमार माली ने पर्यावरण और कृषि के संतुलन पर जोर दिया,
प्रोफेसर ओमेगा कुजूर रोशन नामदेव सुकलाल एवं छात्रा रितु चंद्रा,कल्पना, प्रीति सिदार, रेणुका कर्ष, टीसा माली, एवं रोशनी अजय ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित था। मंच संचालन डॉ. रोशन नामदेव ने कुशलतापूर्वक किया, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित रहा। कार्यक्रम संयोजक प्रो. ओमेगा कुजूर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। सेमिनार में महाविद्यालय के शिक्षक, एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




