मालखरौदा कॉलेज में रजत जयंती समारोह का समापन: विकसित छत्तीसगढ़ 2047 पर सेमिनार, उच्च शिक्षा की भूमिका पर जोर।

मालखरौदा। शासकीय वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा में रजत जयंती समारोह 2025 के अंतिम दिवस पर शासन के निर्देशानुसार एक विचारोत्तेजक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047 एवं छत्तीसगढ़ की गौरव गाथा’ था, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में जितेंद्र बहादुर सिंह (राजा मालखरौदा), जनपद सदस्य मालखरौदा, एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती कुसुमलता अजगल्ले, ब्लॉक कांग्रेस कमिटी मालखरौदा, शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी और बाबासाहब भीमराव अंबेडकर के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलन से हुई, जो राज्य की सांस्कृतिक और संवैधानिक विरासत को सम्मानित करने का प्रतीक बना।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. जांगडे ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों का विपुल भंडार है, जो राज्य को वैश्विक स्तर पर एक अलग पहचान दिला सकता है। उन्होंने उच्च शिक्षा के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उच्च शिक्षा न केवल युवाओं को कौशलपूर्ण बनाती है, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के माध्यम से कृषि, खनन, पर्यटन और आईटी जैसे क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार की योजनाएं जैसे ‘छत्तीसगढ़ स्टेट स्किल डेवलपमेंट मिशन’ और ‘मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना’ उच्च शिक्षा को रोजगार से जोड़ रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी कम हो रही है और सतत विकास सुनिश्चित हो रहा है। डॉ. जांगडे ने जोर दिया कि उच्च शिक्षा छत्तीसगढ़ को 2047 तक विकसित राज्य बनाने में आधारभूत स्तंभ है, क्योंकि यह सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाती है।
कार्यक्रम के संयोजक एवं भूगोल विभागाध्यक्ष श्री राजकुमार कुर्रे ने ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ पर विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें राज्य की गौरव गाथा को रेखांकित किया गया। मुख्य अतिथि जितेंद्र बहादुर सिंह ने छात्र-छात्राओं को जीवन में लक्ष्य निर्धारण और शिक्षा के महत्व पर प्रेरित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों की प्रमुख समस्याओं जैसे जल संकट, कृषि चुनौतियां और बुनियादी ढांचे पर चर्चा की, तथा सुझाव दिया कि उच्च शिक्षा इन समस्याओं का समाधान प्रदान कर सकती है। विशिष्ट अतिथि श्रीमती कुसुमलता अजगल्ले ने महिला सशक्तिकरण पर बात की, अपनी छात्र जीवन की यादें साझा कीं और छत्तीसगढ़ की लोक कला-संस्कृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा महिलाओं को स्वावलंबी बनाती है, जो राज्य के सामाजिक विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।
एम.ए. राजनीति विज्ञान प्रथम सेमेस्टर के छात्र विजय यादव ने छत्तीसगढ़ की विकास संभावनाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे ‘नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी’ तथा ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ पर जानकारी दी। कंप्यूटर विभाग के प्राध्यापक श्री राम रतन खूंटे ने युवाओं की विकास में भागीदारी और शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल शिक्षा छत्तीसगढ़ को स्मार्ट स्टेट बनाने में सहायक है, जहां उच्च शिक्षा आईटी हब और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दे रही है।
सेमिनार में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और कर्मचारी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। इस आयोजन को जिसमें प्राचार्य डॉ बी डी जांगडे, सी आर कोसले, वासुदेव एक्का, गंगाराम जोशी,राजकुमार कुर्रे, रामरतन खूंटे, लेखराम कोसरिया, डॉ योगेश्वर बघेल, डॉ मनोज कुमार यादव,श्रीमती मथुरा महिलाएंगे डॉ राजेश गुप्ता, नरेश कुमार राठौर,वासुरमन घृतलहरें,मनीष बंजारे, लखन भास्कर, श्रीमती राजेश्वरी खूंटे, सुश्री वेदकुमारी साहू, एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित थे।विभिन्न प्राध्यापकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिससे कार्यक्रम और अधिक जीवंत बना। यह आयोजन न केवल रजत जयंती का समापन था, बल्कि छत्तीसगढ़ के भविष्य के लिए एक प्रेरणादायी मंच साबित हुआ, जहां उच्च शिक्षा को राज्य विकास का प्रमुख इंजन बताया गया।




