गुरु खुशवंत की एंट्री से हलचल तेज — क्या सक्ती कलेक्टर की होगी विदाई? निष्क्रियता में पिछड़ा जिला अब डबल इंजन की ताकत से कब पायेगा गति? युवा मंत्री की सक्रियता पर टिकी जनता की नजरें

सक्ती। प्रदेश सरकार के हालिया फेरबदल में सक्ती जिले का नया प्रभारी मंत्री बनाए जाने के बाद जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। गुरु खुशवंत साहेब को सक्ती जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। उनके ऊर्जावान व्यक्तित्व, सक्रिय कार्यशैली और संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए जनता में यह उम्मीद बंधी है कि अब जिले की सुस्त पड़ी विकास रफ्तार को नई दिशा मिलेगी।
काफी समय से सक्ती जिला “निष्क्रिय प्रशासन” के कारण चर्चा में रहा है। विकास योजनाओं के अमल में विलंब, आम जनता की शिकायतों पर कार्रवाई में देरी और सरकारी विभागों की उदासीनता को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा था। अब लोगों को भरोसा है कि गुरु खुशवंत साहेब की सक्रियता से प्रशासनिक मशीनरी में नई ऊर्जा का संचार होगा।
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि नए प्रभारी मंत्री के आगमन के बाद जिले में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से धीमी गति से काम कर रहे अफसरों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक सकती है। वहीं, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जिला कलेक्टर की विदाई भी तय मानी जा रही है, हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गुरु खुशवंत साहेब युवाओं में लोकप्रिय हैं और उनकी कार्यशैली तेज़ निर्णयों के लिए जानी जाती है। ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि वे सक्ती जिले को “डबल इंजन सरकार” की नीति के अनुरूप एक सशक्त और प्रगतिशील जिले के रूप में स्थापित करेंगे।
जनता की निगाहें अब पूरी तरह इस बात पर टिकी हैं कि क्या गुरु खुशवंत साहेब प्रशासनिक सुस्ती को खत्म कर सक्ती जिले में विकास की नई गाथा लिख पाएंगे या फिर पुरानी रवायतें बरकरार रहेंगी।




