गणपति बप्पा मोरिया अगले बरस तू जल्दी आ : प्रतिमाएं विसर्जित करने दौर प्रारंभ

सक्ती. श्री गणेश जी की प्रतिमा के विसर्जन का दौर प्रारम्भ हो चुका है। वहीं हर जगह गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है तो अब तालाबों में गणेश प्रतिमा विसर्जन करने वालों को भी देखा जा रहा है। इस 13 सितंबर से गणेश विसर्जन करने वाले तालाबों में पहुंचकर पूजा अर्चना कर गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया। कई भक्तों ने शुभ मुहूर्त का ख्याल रखते हुये गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया. नगर में कई ऐसी जगह पंडाल बने हैं जो अपने आप में शोभायमान हैं और खूबसूरती से भक्तों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं घरों में विराजित होने वाले गणपति बप्पा की विदाई अब होने लगी है. घरों में विराजित होने वाले गणपति महाराज को अब विसर्जित करने वालों की भीड़ तालाबों तथा नदियों के किनारे देखने को मिल रही है। शहरों के साथ साथ अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी विसर्जन का दौर शुरू हो चुका है. यह दौरा भी लगातार चलता रहेगा. पितृपक्ष से पहले सभी गणेश प्रतिमाएं विसर्जित हो जायेंगी.भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाती है. यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है. इस दौरान बप्पा के भक्त अपने घर गजानंन की मूर्ति लाते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं. उसके बाद अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन कर विदाई की जाती है. इस बार अनंत चतुर्दशी के 17 सितंबर को है. लेकिन कुछ लोग गणपति विसर्जन कुछ दिन पहले ही कर देते हैं. जैसे कुछ लोग 3 दिन में तो कुछ 5 दिन बाद ही बप्पा की मूर्ति का विसर्जन कर देते हैं.




