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नगरीय क्षेत्र में केवल तीन मैदान, तीनों की हालत बद से बदतर
0 देखरेख के अभाव में नहीं मिल रहा खिलाड़ियों तथा स्कूली बच्चों को लाभ

तालाब सा भरा हुआ कालेज मैदान

नगरीय क्षेत्र में केवल तीन मैदान, तीनों की हालत बद से बदतर
0 देखरेख के अभाव में नहीं मिल रहा खिलाड़ियों तथा स्कूली बच्चों को लाभ

सुविधाओं के नाम पर महज दिखावे का चल रहा है खेल-

सक्ती- बरसात के दिन आते ही नगर के बीच स्थित खेल मैदान डबरी का रूप धारण कर चुके हैं। नगर में गिनती के बचे खेल मैदानों में भी खेलना खिलाड़ियों को नसीब नहीं हो पा रहा है। सबसे बुरी स्थिति नगर के जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय के मैदान की है जहां पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी कई कई दिनों तक जमा रहता है। खास तौर पर जब लगातार बारिश होती है तब तो लोगों को और भी परेशानी होती है क्योंकि घुटनों तक पानी भर जाता है और लोेग यहां पहुंच ही नहीं पाते हैं। विदित हो कि नगर पालिका का इण्डोर स्टेडियम भी यहीं है और यहां भी लोग नहीं पहुंच पाते हैं। इतना ही नहीं नगर पालिका द्वारा लगाया गया ओपन जीम भी किसी काम का नहीं रह गया है और बरसात के मौसम में उसके खराब होने की गुंजाइश और अधिक बढ़ जाती है।

दीनदयाल स्टेडियम समां चुका है कीचड़ के आगोश में-

नगर का पं. दीनदयाल स्टेडियम जिसे अब जिला बनने के बाद पुलिस आरक्षी केंद्र बना दिया गया है। उसकी हालत भी बेहद खराब है। यहां खिलाड़ियों के खेलने के लिए किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है बरसात आते ही चारो ओर कीचड़ का साम्राजय हो जा है। इसी प्रकार की हालत नगर के आत्मानंद विद्यालय के प्रांगण में स्थित मैदान की है। यहां सबसे अधिक सोचनीय बात यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय भी इसी प्रांगण में हैं फिर भी इसकी देखरेख के लिए कोई विशेष कार्य नहीं किया जा रहा है और बच्चांें को खेलने कूदने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

खेल मैदानों में खिलाड़ियों को दी जाने वाली सुविधाओं के नाम पर तगड़ा खेल चल रहा है। खेल ऐसा है, जिसमें खिलाड़ियों को सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है और सरकार को सुविधाएं भी दिखा दी जा रही है। इससे हो यह रहा है कि शहर के खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार को प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है। नगर के विभिन्न खेल मैदानों की हालत यह है कि यहां खाली मैदान के अलावा सुविधाएं नगण्य हैं। मैदान का भी रखरखाव नहीं था, जिससे खेल विभाग दावा कर सके कि वे यहां स्टेट टूर्नामेंट या बड़ी प्रतियोगिताएं करवा सकते हैं।

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