ये क्या? पटाखा व्यापारियों का प्रशासन को खुला चैलेंज- हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता

सक्ती – जिस प्रकार दीपावली का त्यौहार प्रारंभ हो रहा है वैसे वैसे नगर में हलचल बढ़ रही है। नगर के रिहायशी इलाकों में जिस प्रकार इस वर्ष पटाखों का भण्डारण हुआ है वह निश्चित तौर पर चिंतनीय हैं। विडंबना ही कहें कि जिला बनने के बावजूद ऐसे अवैध कार्य करने वालों पर प्रशासन अंकुश लगाने में नाकाम रहा है।
थाने के चंद कदम पीछे खुलेआम पटाखा व्यापारी अपने दुकानों में थोक सहित चिल्लर में भंडारण कर व्यापार कर रहे हैं। लेकिन खानापूर्ति करने के लिए भी रिहायशी इलाकों में बेचे जा रहे विस्फोटक व्यापारियों पर कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे व्यापारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे प्रशासन को खुला चैलेंज देते हुए नजर आते हैं। कहते हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता। शायद ऐसा होता सही प्रतीत भी हो रहा है क्योंकि अभी तक एक बार भी पटाखा व्यापारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। बुधवारी बाजार बाजार ग्राउंड में पटाखों की दुकान लगाने के लिए स्थान आरक्षित किया गया है लेकिन इसके बावजूद नगर के कई दुकानों में थोक तथा चिल्हर में पटाखे बेचे जा रहे हैं निश्चित तौर पर यह प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है ?




