बहुत नाइंसाफी है साहब एक व्यक्ति दो दो सरकारी पद का उठा रहा फायदा, शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कोई कार्रवाई

सक्ती/फगुरम। सभी इस बात से भली भांति अवगत होंगे कि शासन के नियमानुसार एक व्यक्ति केवल एक ही सरकारी पद का लाभ ले सकता है, यदि कोई व्यक्ति दो या दो से अधिक सरकारी पद का लाभ एक साथ ले रहा है तो उसके खिलाफ शासन के नियमानुसार कार्रवाई किया जाता है। वहीं मालखरौदा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सपिया का एक व्यक्ति द्वारा दो-दो सरकारी पद का लाभ उठाया गया हैं, फिर भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों की तगड़ी साठ गांठ होने गंध आ रही है। शिकायतकर्ता द्वारा जल्द ही कोई उचित कार्रवाई करने की मांग अधिकारियों से किया गया है।
उक्त संबंध में शिकायतकर्ता से मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत सपिया निवासी रविन्द्र कुमार बर्मन का चयन आवास मित्र के पद पर हुआ और उसके पहले से ही वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डभरा में आयुष्मान मित्र के रूप में कार्यरत था। ऐसे में रविंद्र को दोनों में से कोई एक पद का लाभ उठाना था। पर उसने शासन के आंखों में धूल झोंकते हुए एक साथ आवास मित्र और आयुष्मान मित्र दोनों पद का लाभ उठाया। साथ ही फर्जी तरीके मनरेगा मजदूर के रूप में भी शासन की योजना का लाभ उठाया है। जिसकी शिकायत ग्रामीण द्वारा करने के बाद दिनांक 17 मार्च 2025 को जांच की गई जिसमें शिकायत सही साबित हुआ। लेकिन जांच के 5 महीना बीत जाने के बाद भी अब तक इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जा रहा है। जिसे साफ होता है कि अधिकारी उक्त व्यक्ति पर काफी मेहरबान हैं।
रविंद्र का जादू एक साथ किया तीन काम ।
रविंद्र कुमार बर्मन शासन की आंखों में धूल झोंकते हुए आवास मित्र और आयुष्मान मित्र दोनों पद का लाभ तो एक साथ उठाया ही है । साथ ही साथ उसके द्वारा फर्जीवाड़ा करते हुए मनरेगा मजदूर बनकर शासन को चूना भी लगाया गया है। इस तरह उसके द्वारा एक ही दिनांक में, एक ही समय पर एक साथ तीन-तीन काम किया गया है, जो कोई जादू से कम नहीं है। निश्चित ही यही वजह होगी कि ऐसे महान व्यक्ति के खिलाफ अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है।
कार्यवाही नहीं होने पर ऐसे लोगों के हौसले होते हैं बुलंद, अपराध को मिल रहा है बढ़ावा।
शासन के नियमों का धज्जिया उड़ाने वालों, शासन की आंखों में धूल झुक कर 420 करने वालों, भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई किया जाना चाहिए। कई बार साठ गांठ या राजनीतिक दबाव की वजह से अधिकारियों द्वारा ऐसा नहीं किया जाता जिससे ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हो जाते हैं साथ ही साथ अपराध करने वालों को बढ़ावा भी मिलता है।







