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सांसद कमलेश जांगड़े का सक्ती के लिए प्रयास, रेलवे मिनिस्टर अश्वनी वैष्णव से मिलकर रखी प्रमुख मांग, सक्ती रेलवे को जल्द ही लग सकते हैं पंख

सक्ती। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात कर क्षेत्र में रेलवे की अनिवार्य जरूरतों के लिए चर्चा करते हुए शीघ्र पूर्ण करने की मांग की। श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला बन जाने के कारण एवं सक्ति जिले के आस-पास बहुत सारी इस्पात कम्पनीयां होने से सक्ति रेलवे स्टेशन से लाखों लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सक्ती रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनों का ठहराव हो जाने से रेलवे के राजस्व में काफी बढ़ोत्तरी होगी। सांसद ने जानकारी देते हुए बताया कि सक्ति रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टापेज एवं विकास से संबंधित कार्य होने है। क्रमबद्ध तरीके से बताया कि 1- आजाद हिन्द एक्सप्रेस- ( हावड़ा से पुणे ) अप 12129, डाऊन 12130 को सक्ति रेलवे स्टेशन पर ठहराव । 2- गोंडवाना एक्सप्रेस – (दिल्ली से रायगढ़) अप 12410, डाऊन 12409 को सक्ति रेलवे स्टेशन पर ठहराव । 3- पुणे हटिया एक्सप्रेस- (हटिया से पुणे ) अप 22846, डाऊन 22845 को सक्ति रेलवे स्टेशन पर ठहराव | 4- सक्ति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म न. – 1 और 2 पर टिनशेड और स्वचालित सीढ़ी (एक्सीलेटर)
एवं लिफ्ट लगाने का निमार्ण कार्य होना है। 5- सक्ति रेलवे स्टेशन पर लोडिंग – अपलोडिंग हेतु पार्सल कार्यालय संचालित किया जाए। 6– सक्ति रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा हेतु जी.आर.पी. की सुविधा शुरु किया जाए । 7- सक्ति रेलवे स्टेशन को अमृत योजना से जोड़कर उसको सौद्रीकरण और विकसित किया जाए। सांसद ने आग्रह किया कि जन समस्याओं के समाधान हेतु उपरोक्त ट्रेनों के ठहराव एवं विकास कार्यो को सक्ति रेलवे स्टेशन पर कराने की व्यवस्था की जाए। विदित हो कि उक्त मांगे सक्ती के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं और सांसद बनते ही श्रीमती कमलेश जांगड़े ने इन मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया है। निश्चित रूप से सांसद इस कदम के लिए बधाई की पात्र हैं।

बाराद्वार के लिए भी रखी मांग –

लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के बाराद्वार रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव की मांग काफी लम्बे समय से स्थानीय जनता के द्वारा की जा रही है। बाराद्वार रेलवे स्टेशन बिलासपुर डिविजन में सर्वाधिक आय वाला स्टेशन है। यहां से हजारों की संख्या में तीर्थयात्री कावर चढ़ाने वैद्यनाथ धाम (देवघर) तथा जगन्नाथ भगवान के दर्शन हेतु पुरी (उड़ीसा) जाते है, पुरी जाने हेतु उत्कल एक्सप्रेस में चार सौ किलोमिटर की अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है।बाराद्वार रेलवे स्टेशन पर जिन ट्रेनों के स्टापेज होने है। साऊथ बिहार एक्सप्रेस बाराद्वार रेलवे स्टेशन (दुर्ग से राजेन्द्र नगर), हीराकुड़ एक्सप्रेस बाराद्वार रेलवे स्टेशन (विशाखापट्टनम से अमृतसर), सांसद ने कहा कि जन समस्याओं के समाधान हेतु उपरोक्त ट्रेनों का ठहराव बाराद्वार रेलवे स्टेशन पर कराने की व्यवस्था करें।

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