सक्ती जिला

जैजैपुर नगर पंचायत में करोड़ों की गड़बड़ी, जांच अधर में लटकी, नगरवासियों में आक्रोश, मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी

सक्ती – जैजैपुर । नगर पंचायत जैजैपुर में हुए करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता व भ्रष्टाचार की शिकायत जांच अधर में है, जैजैपुर के पूर्व सीएमओ विष्णु गहरवार अकाउंटेंट श्याम सुंदर साहू पर कई फर्जी चेक जारी कर करोड़ों रुपए गबन करने का आरोप है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सोनसाय देवांगन ने नगर पंचायत में हुए वित्तीय अनियमित व भ्रष्टाचार की शिकायत सक्ती कलेक्टर से कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। अध्यक्ष की शिकायत पर सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जांच टीम तो बनाया लेकिन अभी तक मामले की जांच नहीं हो पाई है जो यकीनन समझ से परे है और पूरे नगर में चर्चा का विषय बना है। गौरतलब है कि पूर्व न.पं. अध्यक्ष देवांगन की शिकायत पर कलेक्टर ने 31 जुलाई को शिकायत जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन था जिसमें डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार को जांच दल प्रभारी बनाकर शिकायत की निष्पक्ष व सही जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन हैरानी की बात है कि शिकायत हुए साल भर होने को है लेकिन जैजैपुर नगर पंचायत में हुए करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच नहीं हो पाई है। नतीजन जांच दल प्रभारी डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार की कार्यशैली पर अनेक प्रश्न चिन्ह लगने लगे हैं, जैजैपुर नगरवासी इन दिनों जांच दल प्रभारी पर कई गंभीर आरोप लगाने लगें हैं, जैजैपुर जनचर्चा की माने तो सीएमओ और अकाउंटेंट से चंदा चढ़ावा रूपी प्रसाद लेकर जांच दल प्रभारी ने शिकायत को दबा दिया है इसीलिए अभी तक शिकायत पर ना तो निष्पक्षता से जांच हो पाई है और ना ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई।

करोड़ों रुपए गबन और दस्तावेजों में छेड़छाड़ क आरोप:- सीएमओ और अकाउंटेंट पर फर्जी चेक जारी कर करोड़ों रुपए गबन करने का आरोप है। पूर्व न.पं. अध्यक्ष ने अपनी शिकायत के साथ बैंक स्टेटमेंट डिटेल और कुछ जरूरी साक्ष्य सबूत के तौर पर जांच अधिकारी को दिए हैं। जिसके आधार पर अगर निष्पक्ष होकर इस मामले की जांच की जाए तो नगर पंचायत में हुए करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा निश्चित तौर पर उजागर होगा और रिकवरी के रूप में नगर पंचायत जैजैपुर को तीन करोड़ से अधिक की धनराशि की प्राप्ति होगी। अकाउंटेंट श्यामसुंदर साहू पर पूर्व सीएमओ से मिलिभगत कर छुट्टी के दिन जबरन कार्यालय खोलक जरूरी दस्तावेजों को नगर पंचायत से बाहर ले जाकर दस्तावेज की जानकारी में छेड़छाड़ का भी गंभीर आरोप है। नगर पंचायत जैजैपुर के विकास कार्यों के लिए शासन से प्राप्त धनराशि को गबन कर झोली भरने वाले पूर्व सीएमओ और अकाउंटेंट के खिलाफ हुए शिकायत पर निष्पक्ष जांच नहीं किया जाना निश्चित ही जैजैपुर नगरवासियों के लिए चिंता का विषय है।

फर्जी चेक से राशि आहरण – पूर्व सीएमओ और अकाउंटेंट ने आपसी सांठगांठ कर 49-49 हजार रुपए के अनेक चेक जारी कर अध्यक्ष के बिना जानकारी के लाखों रुपए आहरण किया है, इसके साथ ही ऐसे ठेकेदार को चेक जारी किया गया है जिसने नगर पंचायत में काम ही नहीं कराया है। दिलचस्प बात है कि जिस ठेकेदार के नाम पर चेक जारी किया गया है उस ठेकेदार के अकाउंट में पैसा भी जमा नहीं हुआ है। बैंक के कर्मचारियों से तालमेल बनाकर सीएमओ गहरवार और अकाउंटेंट साहू ने हाथों-हाथ रुपए निकाले हैं। खरसिया के जीस फर्म के नाम पर एक करोड़ से अधिक का चेक जारी किया गया था उसके संचालक विकास अग्रवाल, नीलम अग्रवाल और अनिल अग्रवाल को न तो इसकी कोई जानकारी है और नाही उनके खाते में पैसा जमा हुआ है। सीएमओ और अकाउंटेंट ने बैंक के कर्मचारियों से मिलीभगत कर गलत तरीके से राशि आहरण कर गबन किया है जिसकी जांच की मांग जैजैपुर नगरवासी कर रहे है और नगर पंचायत में हुए वित्तीय अनियमित और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री से शिकायत की तैयारी चल रही है।

ना तो मैंनें नगर पंचायत जैजैपुर में कोई सामान दिया है, ना ही मेरे खाते में पैसा जमा हुआ है और ना ही मुझे इसकी कोई जानकारी है

विकास अग्रवाल

फर्म संचालक, खरसिया

जांच की स्थिति जानने और इस मामले में उनका पक्ष लेने जांच दल प्रभारी डिप्टी कलेक्टर विश्वास कुमार से संपर्क करने के लिए दो दिनों से कई बार फोन किया गया लेकिन जांच दल प्रभारी ने कॉल रिसीव कर जानकारी नहीं दिया जो यकीनन अनेक सवालों को जन्म दे रहा है।

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