सक्ती जिला

मानवता की मिसाल: विक्षिप्त महिला को मिलेगा इलाज, न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश

सक्ती- राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग इंसानियत का दूसरा नाम है, यह बात राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) ने ग्राम छपोरा में कई दिनों से भटक रही विक्षिप्त महिला के समुचित देख-रेख व इलाज की व्यवस्था हेतु प्रयास में सफलता हासिल करने के बाद कहते हुए बताया कि संगठन को सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ित महिला की जानकारी होने पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के मार्गदर्शन में आज कुमारी साक्षी ध्रुव, तालुका विधिक सेवा अधिकारी एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, मालखरौदा के समक्ष पीड़िता को तत्काल सहायता प्रदान करने हेतु आवेदन पेश किया गया जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट ने छपोरा पुलिस को अविलंब पीड़िता को न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु ज्ञापन जारी किया जिसके बाद पुलिस के द्वारा पीड़िता को न्यायालय में पेश करने पर पीड़िता को बयान देने में अक्षम पाकर मजिस्ट्रेट ने उपस्थित पुलिस के बयान के आधार पर उसके मानसिक अस्वस्थता को देखते हुए उसके समुचित इलाज हेतु मेंटल हॉस्पिटल, सेंदरी भेजे जाने हेतु आदेशित किया,साथ ही इस आशय की सूचना पीड़िता के परिजनों देने हेतु निर्देश संबधित पुलिस को दिया गया है। 

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग के सक्ती जिला की टीम के द्वारा पीड़िता के प्रति उठाए गए कदम को इंसानियत का साक्षात् उदाहरण बताकर स्थानीय लोग इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं तथा लोगों ने संगठन के प्रति साधुवाद व्यक्त किया है, चूंकि आज बरसते पानी में संगठन जिला अध्यक्ष महेंद्र बरेठ, महिला अध्यक्ष कांता यादव, अनिता पटेल, मांडवी साहू, राजकुमारी चंद्रा, रेवती नंदन पटेल, फागू लाल कुर्रे, उदय मधुकर, योम लहरे आदि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ श्री सिद्ध हनुमान मंदिर परिवार के नारायण मौर्य कोंडके व सोनू देवांगन ने संगठन के मुखिया एवं अधिवक्ता चितरंजय पटेल की अगुवाई में छपोरा और मालखरौदा के बीच अच्छा खासा कसरत किया परंतु पीड़ित महिला को राहत दिलाकर सब लोग खुशी का इजहार कर रहे थे।

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