उपार्जन केंद्र तक पहुंची जांच की आंच,अब देखना होगा किसानों की जीत होती है या इस बार फिर अधिकारी होंगे बौने साबित!

सक्ती। लवसरा धान खरीदी केंद्र का विवादों से पुराना नाता रहा है। किसानों की लाख शिकायतों के बाद भी विवादित व्यक्ति को खरीदी का जिम्मा देना अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। ऐसा नहीं है की यह पहला वर्ष है जब धान खरीदी केंद्र लवसरा सुर्खियों में है। पहले भी किसानों की मेहनत पर हाथ मारने के आरोप प्रभारी पर लग चुके हैं। अपनी राजनैतिक पहुंच का दावा करने वाले उपार्जन केंद्र लवसरा के प्रभारी शत्रुघ्न साहू किसानों को डराते हैं। इतना ही नहीं इस बात को गले की नस खींचते तक बोलते हैं कि अधिकारी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। शायद यह बात सत्य भी है तभी तो प्रत्येक वर्ष खरीदी का जिम्मा ऐसे शख्स को दिया जाता है जो किसानों से सीधे मुंह बात तक नहीं करता। अब अधिकारियों की ऐसी क्या मजबूरी है जो दागदार लोगों को जिम्मा दिया जाता है यह समझ से परे है। फिलहाल विगत दिनों यहां के किसानों ने कलेक्टर से शिकायत की थी। खाद्य निरीक्षक जांच करने भी पहुंचे थे। आने वाले सोमवार को प्रतिवेदन भी सौंप देंगे। अब देखना होगा कि किसानों की जीत होती है या इस बार फिर अधिकारी बौने साबित होते हैं !




