सक्ती के सौरभ ने बढ़ाया प्रदेश का मान — “इंटरनेशनल कल्चरल हार्मनी” में पाया सम्मान, देश राग अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ का नाम किया रोशन

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के प्रतिभाशाली युवा कलाकार सौरभ कुमार ने अपनी कला के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। नृत्याधाम कला समिति द्वारा आयोजित “इंटरनेशनल कल्चरल हार्मनी – देश राग” उत्सव में उन्हें “संस्कृति सम्मान” से नवाजा गया।
यह प्रतिष्ठित आयोजन 4 से 12 अक्टूबर 2025 तक भिलाई (दुर्ग) में आयोजित हुआ, जिसमें देश-विदेश के अनेक कलाकारों ने नृत्य, संगीत, वाद्ययंत्र, चित्रकला और पेंटिंग की विधाओं में हिस्सा लिया। सौरभ कुमार ने जयपद्मा श्रेणी में शानदार प्रस्तुति देकर रनर-अप का स्थान हासिल किया।
सौरभ की प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय कला की आत्मा झलकती रही — उनकी लय, भाव और नृत्य की अभिव्यक्ति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सौरभ की कला में “परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम” देखने को मिला।
पुरस्कार समारोह में नृत्याधाम कला समिति की निदेशक डॉ. राखी रॉय, प्रख्यात मृदंगम एवं नट्टुवंगम विशेषज्ञ डॉ. तंजावर आर. केसवन, और समिति के अध्यक्ष श्री वी. के. बाबू ने सौरभ कुमार को सम्मानपत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस आयोजन को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय (MSME) का सहयोग प्राप्त था।
सम्मान पाकर सौरभ कुमार ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा —
यह उपलब्धि मेरे गुरुजनों, परिवार और जिले के उन सभी लोगों को समर्पित है, जिन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया। भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय कला को आगे बढ़ाना ही मेरा उद्देश्य है।
सौरभ की इस सफलता से सक्ती जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों, शिक्षकों और कला प्रेमियों ने सौरभ को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ाया है।
“कला वो दीप है जो समाज में संस्कृति की ज्योति जलाए रखता है — और सौरभ जैसे कलाकार वही दीप प्रज्वलित करते हैं।”




