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सकरेली फाटक बंद करने के आदेश ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत, सकरेली (बा) के ग्रामीण रेलवे के फरमान के खिलाफ हुए लामबंद, ग्रामीणों ने कहा – बातें नहीं मानी तो करेंगे लोकसभा चुनाव का बहिष्कार

सकरेली(बा.)/ अमन तम्बोली . सक्ती जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत सकरेली (बा.) यहां से गुजरा एन. एच 49 से और यहीं से मुंबई हावड़ा रेल लाइन पर स्थित है। जिस पर सकरेली समपार फाटक को रेलवे ने 1 अप्रैल से रेलवे ने पूर्ण रूप से बंद करने का फैसला लिया है। इसका परिवर्तित मार्ग एन. एच.49 पर बने सकरेली रेलवे ओवर ब्रिज को बताते हुए इसे बंद करने का फैसला रेलवे द्वारा लिया गया है। सकरेली समपार फाटक के पूर्ण बंद होने से ग्राम के लोगो के जन जीवन में काफी असर पड़ेगा। जिसको देखते हुए ग्रामवासियो द्वारा समपार फाटक को बंद नहीं करने को लेकर रेलवे के खिलाफ प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया गया है। ग्रामवासियो का कहना है की अगर सकरेली समपार फाटक को पूर्ण रूप से बंद किया जाता है तो होने ब्रिज से आवागम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा तथा ग्राम के 90% किसानो की भूमि भी रेल लाइन के उस पार है एवं ग्राम का शमशान घाट भी रेल लाइन के उस पार है। अगर रेलवे इस समपार फाटक को बंद कर देती है तो ग्रामवसियो को रेल से उस पार जाने के लिए ओवर ब्रिज का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे यहाँ के लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

ग्रामवासियो द्वारा रेलवे से की जा रही अंडरब्रिज की मांग


ग्रामवासरियो के द्वारा सकरेली समपार फाटक के पूर्ण बंद होने से यहाँ के लोगो को कही आने जाने के लिए ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ेगा एवं अभी जो दूरी 100 से 500 मी. पड़ रही है वह बढ़ करके 4 किलोमीटर हो जायेगी। ग्रामवासियो को बाराद्वार या बिलासपुर जाने के लिए 4किलोमीटर की दुरी ज्यादा तय करनी पड़ेगी। जिसके लिए ग्रामवासियो के द्वारा समपार फाटक बंद करने से पहले यहाँ अंडर ब्रिज की मांग की जा रही है।

सकरेली समपार फाटक के बंद होने से ग्राम के मुक्तिधाम घाट की दुरी 500 के जगह 3 किमी हो जायेगी


सकरेली समपार फाटक के पूर्ण रूप से बंद होने से ग्रामवासियो को मुक्तिधाम तक जाने के लिए ब्रिज का सहारा लेना पड़ेगा जिसके बाद जो दूरी अभी 500 मी. पड़ रही वह दूरी बढ़ कर 3 की.मी. हो जाएगी। जिससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

सकरेली पंचायत के अंदर पहले संचालित होता था 3 समपार फाटक जिसमे सकरेली समपार एक
ग्राम पंचायत सकरेली की कुल लम्बाई 6 किलोमीटर है बाराद्वार से लेकर के जेठा रेलवे स्टेशन तक सकरेली पंचायत बसा हुआ है, जिसमे सकरेली समपार फाटक मध्य में संचालित हो रहा है। सबसे पहले रेलवे द्वारा केसला मानवरहित समपार फाटक को बंद किया, जिसके कुछ सालो के बाद सकरेली भाठा स्थित सकरेली ,सरवानी समपार फाटक को बंद किया गया। सकरेली पंचायत के मध्य संचालित , सकरेली समपार फाटक से नेशनल हाइवे गुजरने के कारण या समपार फाटक को बंद नहीं किया जा रहा था लेकिन रेलवे ओवर ब्रिज के बनाने से सभी भारी वाहनों उसमे से अभी आवागमन कर रहे है। ग्राम के ह्रदय स्थल में संचालित इस समपार फाटक को बंद करने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

अपनी मांग को जायज बताते हुए नारेबाजी करते हुए गांव के लोग

सकरेली ग्रामवासियो के 90% कृषि भूमि रेलवे लाइन के उस पार


ग्राम पंचायत सकरेली(बा) के किसानो की लगभग 2000 से 2200 एकड़ कृषिभूमि है। वहां आने जाने के लिए सकरेली समपार फाटक एक मात्र जरिया है | सकरेली समपार फाटक के पूर्ण बंद हो जाने से ग्राम के किसानो को खेती के समय आवागमन के लिए ओवर ब्रिज का सहारा लेना पड़ेगा जिससे उनको अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।

कांग्रेस नेता बंशीधर खांडे फाटक बंद बाद होने के बाद होने वाली समस्या को लेकर अपनी राय रखते हुए

सकरेली समपार फाटक के बंद होने के बाराद्वार की 3 की.मी. से बढ़ कर हो जाएगी 6 की.मी.


ग्राम पंचायत सकरेली से गुजरी मुंबई हावड़ा रेल मार्ग पर संचालित सकरेली समपार फाटक के बंद होने से समस्त ग्रामवासियो को ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ेगा।  जिससे बाराद्वार जाने के लिए ग्राम वासियो को 3 किलोमीटर की दुरी अधिक तय करनी पड़ेगी जिसके कारन बाराद्वार की दुरी सकरेली समपार फाटक से 3किलोमीटर है वह ओवरब्रिज से घूम के जाने पर 6किलोमीटर हो जाएगी।

गांव की महिलाएं फाटक बंद करने के फरमान के बाद आक्रोशित नजर आती हुई। अपनी बात रखने के लिए सामने आई।
सकरेली सरपंच
अनिता गेंदराम खांडे

मांग पूरी नही होने पर ग्रामीणों का निर्णय, करेंगे लोक सभा चुनाव का बहिष्कार

ग्राम पंचायत सकरेली (बा) के ग्रामवासियो ने निर्णय लिया है कि ग्रामीणों के द्वारा रेलवे अंडर ब्रिज की मांग पूरी नही होने पर वे लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

ग्रामीणों ने मांग रखते हुए कहा कि फाटक बंद नहीं होना चाहिए इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाएगी

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