सक्ती जिला

सक्ती को प्रदेश में नई पहचान दिलाकर विदा हो रहा है वर्ष 2022 : यादें

– खट्टी, मीठी यादें जो आने वाले वर्षों तक रहेंगी ताजा

सक्ती/सुमित शर्मा– साल 2022 अलविदा कहने वाला है आज 31 दिसंबर साल का आखिरी दिन है। इस साल  में कई ऐसी यादगार घटनाएं घटी है। जो सक्ती के इतिहास के पन्नों में दर्ज होंगी। खट्टी मीठी यादों को छोड़ते हुए एक और अंग्रेजी वर्ष 2022 विदा हो रहा है। कुछ घंटे के बाद ही कैलेंडर वर्ष और आखिरी तारीख बदल जाएगी। 2022 ने सक्ती के लिए कभी ना बदलने वाला एक इतिहास लिख दिया है। 9 सितंबर 2022 सक्ती जिले के अस्तित्व में आने के बाद इसे प्रदेश में एक नई पहचान मिल गई है। विगत कुछ महीने में सक्ती जिला प्रदेश भर में चर्चा में रहा। आईटी के मैराथन कार्यवाही की भी प्रदेश में खूब चर्चा रही। राहुल के 106 घंटे चले सफल रेस्क्यू आपरेशन ने पूरे भारत में सुर्खियां बटोरी और पूरे देश का सबसे अधिक समय तक चलने वाला सफल बोर वेल रेस्क्यू आपरेशन रहा। इस साल सक्ती में कई अहम बदलाव हुए अनुभाग स्तर से उठकर जिला बने सक्ती को पहले कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना और एसपी एमआर अहीरे के रूप में मिली। ऐसी तमाम घटनाएं जिन्होनें 2022 को यादगार बना दिया। कुछ ऐसे कार्य रहे जिनके पूरे होने की उम्मीद थी लेकिन वे अधूरे रह गए। उम्मीद वे 2023 में जरूर पूरे हो जाएंगे।

प्रदेश की सबसे छोटी रिसासत रही सक्ती बना प्रदेश का 33 वां जिला-


बरसों के लंबे संघर्ष और आंदोलन के परिणाम स्वरूप 15 अगस्त 2021 को सीएम की घोषणा के बाद 09 सितंबर 2022 को सक्ती जिला अस्तित्व में आ गया। जिला बनते ही कई अहम बदलाव हो गए। जिला मुख्यालय से लोगों की दूरी कम हो गई। जिला स्तर के काम अब सक्ती में ही होने लगे। लोगों और प्रशासन के बीच का फासला दूर हो गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत का अभूतपूर्व स्वागत सक्तीवासियों ने किया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नवीन जिले सक्ती के शुभारंभ अवसर पर रोड शो, कलेक्टर कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के उद्घाटन, बड़ादेव के महापूजन, आमसभा कार्यक्रमों में शामिल हुए थे।

राहुल रेस्क्यू रहा भारत का सबसे चर्चित बचाव अभियान-

जिले के पिहरीद गांव में बोरवेल में गिरे 12 साल के राहुल को 106 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 15 जून 2022 को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। करीब 65 फीट गहरे गड्ढे में उतरी रेस्क्यू दल ने कड़ी मशक्कत के बाद राहुल को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।  सुरंग बनाने के रास्ते में बार-बार मजबूत चट्टान आ जाने से 4 दिन तक चले इस अभियान को रेस्क्यू दल ने अंजाम देकर मासूम राहुल को एक नई जिंदगी दी। राहुल को बाहर निकाले जाने के बाद वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उसके स्वास्थ्य की जांच की। फिर राहुल को बेहतर इलाज के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अपोलो अस्पताल बिलासपुर भेजा गया। उसके बाद से राहुल अब पूरी तरह स्वस्थ है। यह बचाव अभियान भारत में अब तक बोरवेल में फंसे बच्चों को बचाने वाले बचाव अभियानों में सबसे लंबे समय तक चलने वाला अभियान था। इस बचाव अभियान से जुड़े लोगों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया था।

तीन वर्षाें तक नहीं आए सीएम, 2022 में दो बार पहुंचे सक्ती-

2018 में कांग्रेस की सरकार की गठन के बाद तीन वर्षों तक मुख्यमंत्री सक्ती नहीं पंहुचे। इस बात की राजनैतिक गलियारे में चर्चा भी होती रही। लेकिन अपने कार्यकाल के चौथे साल उन्होने दो बार सक्ती पहुंच कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में और नगरवासियों को खुश कर दिया। 01 अप्रैल को सीएम भूपेश बघेल ने सक्ती पहुंच कर संतोषी मंदिर के पास बने स्व. बिसाहू दास महंत उद्यान में स्वतं.ता संग्राम सेनानी स्व. बिसाहू दास महंत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया और आमसभा की। इसके बाद 09 सितंबर को जिला शुभारंभ अवसर पर सक्ती में उनका अभूतपूर्व स्वागत किया गया।

तुर्रीधाम में पहली बार मनी देव दिवाली-

भगवान भोलेनाथ की नगरी तुर्री धाम में गंगा आरती व शिव जी की भव्य आरती व पूजन का आयोजन कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी सोमवार 7 नवंबर को संध्या 6 बजे किया गया. तुर्रीधाम में प्रथम बार आयोजित दीप महोत्सव में 2500 दीपों का प्रज्जवलन व भव्य दर्शन के साथ शिव जी व गंगा जी आरती की गई थी। कार्यक्रम को भव्य व यादगार बनाने के लिए आतिशबाजी के साथ ड्रोन से सूटिंग की गई है, ताकि इसका प्रसारण कर नवीन जिला सक्ती के धार्मिक व पर्यटन स्थल तूर्री को देश -प्रदेश के पर्यटन मानचित्र में समुचित स्थान व सम्मान मिल सके। छत्तीसगढ़ ही नहीं आसपास के राज्यों में भी तुर्रीधाम स्थित शिव मंदिर का खासा महत्व है।

2022 में कुर्सी बचाने में सफल रहे जनपद अध्यक्ष राजेश राठौर-

जनपद पंचायत सक्ती के अध्यक्ष राजेश राठौर के खिलाफ लगा अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। जनपद के सभागार में एसडीएम व सीईओ के नेतृत्व में वोटिंग कराई गई जिसमें राजेश राठौर अपनी कुर्सी को बचाए रखने में कामयाब रहे। प्रस्ताव के पक्ष में 10, विपक्ष में 9 तथा 01 मत निरस्त् हुआ था। वहीं तीन सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया तथा एक सदस्य की मृत्यु हो गई है। विदित हो कि जनपद पंचायत सक्ती में कुल 24 सदस्य हैं। सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान रखा गया था। पीठासीन अधिकारी एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर निर्णय दिया कि राजेश राठौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, वह खारिज हो गया है। अध्यक्ष राजेश राठौर अपने पद पर बने रहेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाते हुए पटाखे फोड़े व आतिशबाजी की। राजेश ने इसे कार्यों का सही समय पर क्रियान्वयन नहीं होने को सदस्यों में नाराजगी का कारण बताया था। प्रस्ताव कई किए गए ग्राम सभाओं के सबंध में भी कई प्रस्ताव हुए लेकिन अधिकारियों के द्वारा सही क्रियान्वयन नहीं कराया गया। जिस कारण सदस्यों के मन में निराशा थी। खैर अध्यक्ष अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे।

नवीन जिले में पड़ी अब तक सबसे बड़ी आईटी रेड की चारो ओर रही चर्चा-

आयकर विभाग ने नगर में 09 नवंबर 2022 को 6 अलग अलग ठिकानों पर सक्ती नगर में अब तक की सबसे बड़ी छापामार कार्यवाही की। लगभग दर्जनभराहनों में 40 से अधिक अधिकारियों ने सक्ती में दबिश दी थी। जिनके यहां छापा पड़ा था वे सभी कहीं न कहीं जमीन संबंधी व्यापार से भी जुड़े हुए थे। आयकर विभाग ने सक्ती के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छापामार कार्यवाही थी। जिले बनने के बाद हुई इस प्रकार की कार्यवाही की पूरे प्रदेश में चर्चा रही। इस कार्यवाही के बाद हरेठी में काले धन की चोरी के मामले ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी। इस मामले में एक आरक्षक को भी निलंबित किया गया था।

केबीसी में अमिताभ बच्चन के साथ नजर आए जिले के तुषार बरेठ-

जिले की नगर पंचायत अड़भार निवासी तुषार बरेठ का चयन सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले इस सीजन के रियलटी शो कौन बनेगा करोड़पति के लिए हुआ था। 21 दिसंबर को वे रात 9 बजे अमिताभ बच्चन के सवालों का जवाब देते हुए नजर आए थे। सक्ती जिले से पहली बार किसी छात्र का चयन केबीसी के लिए हुआ था। आसपास के लोग उनके चयन को लेकर काफी खुश थे। तुषार बरेठ ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से केबीसी में चयनित होने के लिए प्रयास कर रहे थे। कठिन परिश्रम के बाद उनका चयन हो गया।

धर्मेंद्र सिंह की पदयात्रा ने राजनैतिक गलियारे में लाई हलचल-

राज परिवार 2022 में फिर एक बार सक्रिय नजर आया। जनपद सदस्य और राजा सुरेन्द्र बहादुर सिंह के पुत्र धर्मेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता देवेंद्र अग्निहोत्री के साथ सक्ती ब्लाक के गांवों में पदयात्रा निकाली और प्रत्येक पंचायत व गांव तक पंहुचे। इनके निशाने पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत रहे। इस बात की चर्चा जोरो पर रही की राज महल की राजनीति को आक्सीजन मिल गई है और अब डॉ चरणदास महंत और राज परिवार आमने सामने हैं। आने वाले वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव हैं। अब यहां यह देखना दिलचस्प होगा की राज परिवार द्वारा निकाली गई यह पदयात्रा कितना प्रभाव डाल सकती है।

लाइब्रेरी की मिली सौगात ने लाई पाठकों के चेहरे पर मुस्कान-

बरसों से एक पुस्तकालय के लिए तरस रहे नगरवासियों के चेहरे पर उस वक्त खुशी दिखाई दी जब नगर के कंचनपुर में एक पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ। पढ़ने वाले लोग भी यहां पहुंचने लगे हैं। विभिन्न प्रकार किताबों के संग्रह ने निश्चित तौर पर नगर के पाठकों के चेहरे में मुस्कान लाने का काम किया है।

कई जिला स्तरीय संगठनों को मिले प्रथम जिलाध्यक्ष-

2022 में सक्ती जिला बना। बहुत से संगठनों ने अपनी जिला स्तरीय कार्यकारिणी बनाई। भाजपा ने कृृृष्णकांत चंद्रा को प्रथम अध्यक्ष बनाया तो वहीं अभी कांग्रेस ने कोई जिलाध्यक्ष नहीं बनाया है। इसी प्रकार विभिन्न समाजसेवी, व्यापारिक तथा कर्मचारी अधिकारियों के संगठनों ने अपने जिला अध्यक्ष बनाकर कार्यकारिणी बनाई है।

दो सालों बाद हुआ रौताही मेला, उमड़ी अपार भीड़-

कोरोना काल के कारण 2020 व 2021 में अंचल के प्रसिद्ध रौताही मेले का आयोजन नहीं हुआ था। 2022 में दिसंबर में जब मेले का आयोजन हुआ तो नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में लोगों ने इसका लुफ्त उठाया। काफी संख्या में उमड़ी भीड़ ने नगरवासियों को मेले की प्रसिद्धी के बारे में एक बार सोचने को मजबूर कर दिया।
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