सक्ती में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का 25वां स्थापना दिवस

सक्ती। जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में जिले का राज्य स्थापना दिवस समारोह कलेक्ट्रेट परिसर मैदान सक्ती में अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। सांसद जांगड़े ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आकाश में रंगीन आतिशबाजी के साथ तीन दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। सांसद जांगड़े ने अपने संबोधन में कहा कि “छत्तीसगढ़ को बने अब 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। राज्य निर्माण के बाद से प्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के निरंतर विकास की प्रशंसा करते हुए सभी जिलेवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपदी कीर्तन चंद्रा ने कहा कि “छत्तीसगढ़ हमारे लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी पहचान है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के संकल्प से बना यह राज्य आज निरंतर आगे बढ़ रहा है।” वहीं कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि यह दिन छत्तीसगढ़ की गौरवगाथा का प्रतीक है और अब नवगठित सक्ती जिला को भी प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनानी है।
राज्योत्सव के प्रथम दिवस पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, ओडिसी, भरतनाट्यम और शास्त्रीय संगीत जैसी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
समारोह स्थल पर विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, उद्यानिकी, जल संसाधन, वन, जनसंपर्क सहित अन्य विभागों ने अपने कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। यह प्रदर्शनी आमजनों के लिए आकर्षण का केंद्र रही।
तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रतिदिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
3 और 4 नवंबर को भी जिले के विभिन्न विद्यालयों और कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जिनमें पंथी नृत्य, भरतनाट्यम, लोकगीत, विज्ञान नाटिका, आर्केस्ट्रा व जसगीत जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां शामिल होंगी।
राज्योत्सव के अवसर पर सक्ती जिले की संस्कृति, परंपरा और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। पूरा जिला उत्सवमय माहौल में डूबा हुआ है और हर ओर “जय जोहार छत्तीसगढ़” के नारों के साथ प्रदेश की गौरवगाथा गूंज रही है।




