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“हम केवल अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे” – पुरुषोत्तम बरेठ ने जताया विरोध, सक्ती में 7 सहकारी समिति कर्मचारियों की बर्खास्तगी को बताया अनुचित और दमनकारी

सक्ती। मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु दिए गए निर्देशों के तहत धान खरीदी को आवश्यक सेवा घोषित किया गया और ESMA Act लागू किया गया।

सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला सक्ती की 07 सहकारी समितियों के कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। ये कर्मचारी धान खरीदी के कार्य में बाधा डालने के दोषी पाए गए।

बर्खास्त कर्मचारियों की सूची

1. पुरुषोत्तम बरेठ – जिलाध्यक्ष, कंप्यूटर ऑपरेटर संघ (जर्वे)

2. एकलव्य चंद्रा – नावापारा

3. विरेंद्र महान – कर्रापाली

4. धनीराम साहू – सक्ती

5. तोपसिंह चंद्रा – सकर्रा

6. ललित साहू – घोघरी

7. तरुनेन्द्र शेखर तिवारी – डूमरपारा

पुरुषोत्तम बरेठ का बयान

पुरुषोत्तम बरेठ ने कहा— “हम पर लगाई गई बर्खास्तगी पूरी तरह अनुचित और दमनात्मक है। हमारी केवल यही मांग थी कि हमारी जायज़ समस्याओं और कार्यस्थितियों का समाधान किया जाए। धान खरीदी में हम वर्षों से जिम्मेदारी निभाते आ रहे हैं। हमारी मूलभूत समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय हमें सीधे ESMA लगाकर बर्खास्त कर दिया गया। हम अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेंगे और न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेंगे। हम किसानों के हितों के खिलाफ कभी नहीं थे और न होंगे। हमारी लड़ाई केवल अपने अधिकारों और कार्य की सुरक्षा के लिए है।”

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