सक्ती जिलासक्ती नगर

“ओपन बार” बना बुधवारी बाजार: सड़क किनारे दिन-दहाड़े शराबखोरी, महिलाओं-परिवारों का निकलना दूभर, होटलों की आड़ में चखना सेंटर, बाजार के पास शराब दुकान से बिगड़ा माहौल

सक्ती। नगर का प्रमुख और सबसे व्यस्त बुधवारी बाजार इन दिनों अव्यवस्था और असुरक्षा का पर्याय बनता जा रहा है। नई सड़क किनारे खुलेआम शराब पीने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र ‘ओपन बार’ जैसा नजर आने लगा है। हालात यह हैं कि दिन हो या शाम, सड़क किनारे समूह बनाकर लोग बेखौफ शराब का सेवन करते दिखाई देते हैं। खुलेआम शराबखोरी, नियमों की खुलेआम अनदेखी स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना कानूनन अपराध होने के बावजूद यहां किसी तरह की रोक-टोक नजर नहीं आती। शराब खरीदने के बाद लोग सीधे सड़क किनारे, दुकानों के सामने या खाली जगहों पर बैठकर शराब पीते हैं। इससे न केवल वातावरण खराब हो रहा है, बल्कि राहगीरों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

चखना सेंटर की आड़ में फल-फूल रहा ‘गैरकानूनी धंधा’ :- 

बाजार के आसपास संचालित कुछ होटल और छोटे दुकानदार चखना सेंटर की आड़ में इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हैं। यहां शराब पीने वालों को बैठने की जगह, चखना और अन्य सुविधाएं खुलेआम उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे यह इलाका धीरे-धीरे शराबियों का अड्डा बनता जा रहा है।

सब्जी बाजार में महिलाओं की बढ़ी परेशानी :- 

बुधवारी बाजार होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और परिवार सब्जी व अन्य जरूरी सामान खरीदने आते हैं। ऐसे में पास ही शराबियों का जमावड़ा लगना बेहद असुविधाजनक और डरावना माहौल पैदा कर रहा है। कई महिलाओं ने शिकायत की है कि शराबियों की हरकतों और टिप्पणियों के कारण बाजार आना असहज हो गया है।

शराब दुकान बनी मुख्य वजह :- 

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बाजार के समीप शराब दुकान होने के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ी है। लोग दुकान से शराब खरीदकर वहीं पास में बैठ जाते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। शराबखोरी के चलते सड़क किनारे गंदगी भी बढ़ रही है—प्लास्टिक ग्लास, बोतलें और कचरा इधर-उधर फैला रहता है। इसके अलावा कई बार नशे में विवाद, झगड़े और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जिससे आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।

प्रशासन को करनी चाहिए ठोस कार्रवाई :- 

लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि पुलिस गश्त बढ़ाने, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर जुर्माना लगाने और अवैध चखना सेंटरों को बंद कराने की जरूरत है।नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए, ताकि बाजार का माहौल सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सके। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह समस्या सामाजिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

Photo : खुलेआम होटल में बैठकर शराब पीते हुए लोग 

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