सक्ती में 6 साल बाद दशहरा का जश्न, मारवाड़ी युवा मंच ने उठाया बीड़ा

सक्ती। जिले में दशहरा पर्व का लंबे समय से इंतजार कर रहे नागरिकों की खुशी बढ़ गई है। इस बार मारवाड़ी युवा मंच ने 2 अक्टूबर को बुधवारी बाजार मैदान में भव्य दशहरा आयोजन कर इसे संभव बनाया। यह आयोजन विशेष इसलिए है क्योंकि पिछले 6 साल से जिला मुख्यालय में दशहरा का आयोजन नहीं किया गया था। लंबे समय तक पर्व का इंतजार कर रहे नागरिकों के लिए मारवाड़ी युवा मंच ने स्वयं पहल करते हुए इस आयोजन का बीड़ा उठाया और समाज में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ा दी।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि दशहरा पर्व को लेकर नागरिकों में अपार उत्साह है। रावण दहन समेत पारंपरिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह पर्व सभी के लिए यादगार बनाने की योजना है। नागरिकों का कहना है कि दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारा, एकता और परंपरा के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।
विशेष ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रशासन कई वर्षों से इस पर्व का आयोजन नहीं कर रहा था, जिससे नागरिकों में यह उत्साह लंबे समय तक दबा रहा। मारवाड़ी युवा मंच ने इस अवसर पर स्वयं सारी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ली। मंच ने आयोजन स्थल की सुरक्षा, अनुशासन और दर्शकों की सुविधा सुनिश्चित की है। इसके अलावा, मंच ने स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को शामिल कर इसे और भी जीवंत बनाया।
मंचाध्यक्ष मनीष कथूरिया ने अपने वक्तव्य में कहा, “हमारे लिए यह केवल दशहरा का आयोजन नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का एक प्रयास है। पिछले वर्षों में यह पर्व नहीं मनाया गया, लेकिन हम चाहते हैं कि सभी नागरिक परिवार और बच्चों के साथ इस पर्व का आनंद लें। मारवाड़ी युवा मंच के सभी सदस्य मिलकर इसे भव्य और सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे हैं। नागरिकों की भागीदारी से ही हमारा यह प्रयास सफल होगा।”
कार्यक्रम के संयोजकों ने कहा कि जन भावना ही सामाजिक और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने की सबसे बड़ी ताकत है, और नागरिकों की अपार श्रद्धा और उत्साह ने मारवाड़ी युवा मंच को यह जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित किया। नागरिकों ने भी परिवार और बच्चों के साथ इस भव्य आयोजन में भाग लेने की तैयारी कर ली है।
इस आयोजन ने यह भी दिखा दिया कि जब प्रशासन किसी पर्व या सामाजिक कार्यक्रम में सक्रियता नहीं दिखाता, तब भी सक्रिय समाजसेवी संगठन और नागरिक अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए आगे आ सकते हैं। मारवाड़ी युवा मंच के प्रयासों ने दशहरा पर्व को पुनर्जीवित किया है और यह आयोजन नगरवासियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।




