“मजदूरों के अधिकारों पर हमला, 4 श्रम संहिता तुरंत वापस लेने की मांग, किसानों को उपज का मूल्य सुनिश्चित करने की मांग के साथ ज्ञापन सौंपा”

सक्ती। लंबे संघर्षों के बाद मजदूरों और कर्मचारियों को मिले अधिकारों में मनमाना कटौती करने वाले 4 श्रम संहिता को तत्काल वापस लेने और किसानों को उनकी कृषि उपज के दाम की गारंटी देने की मांग राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन शक्ति कलेक्टर की अनुपस्थिति में अपर कलेक्टर बालेश्वर राम को दिया गया। कामरेड अनिल शर्मा ने बताया कि 21 नवंबर 2025 से लागू 4 श्रम संहिता मजदूरों के मौलिक अधिकारों का हनन करती है। मासिक 18 हजार से अधिक कमाई वाले मजदूर अब मजदूर नहीं माने जाएंगे। यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार सीमित किए गए हैं। ताला बंदी और छंटनी मालिकों की मर्जी से होगी। मिनिमम वेज बोर्ड मालिकों के पक्ष में है। लेबर कोर्ट बंद कर ट्रिब्यूनल बनाने से न्याय पाने की प्रक्रिया कठिन होगी।
ज्ञापन में जिले के गरीब मजदूरों और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान भी मांगा गया। राजा भाठा लवसरा के गरीबों को जंगल भूमि का पट्टा दिया जाए। खम्हरिया और जेठा में पाइपलाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाए। जेठा में नया धान खरीदी केंद्र खोला जाए। मुक्त राजा बाराद्वार की अधिग्रहित कृषि भूमि लौटाई जाए। रवि फसल के लिए हसदेव बांगो मिनीमाता बांध के नहरों से सिंचाई पानी दिया जाए। ठठारी ग्राम को नगर पंचायत का दर्जा मिले। इसके अलावा अन्य 13 सूत्रीय मांगों का समाधान किया जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में कामरेड अनिल शर्मा, बलराम बरेठ, लकेश्वर चौहान, ताराचंद बरेठ, हरिश चंद्रा, मागीरथी चंद्र, रघुनंदन साहू, उपेन्द बरेठ, पीताम्बर सूर्यवंशी, कन्हैया कुर्रे, भारत टंडन, अमृत यादव, कुलदीप शर्मा, निर्मल कुर्रे, सीताराम बरेठ, देवारी लाल, कर्ष मोहन साहू सहित मजदूर और किसान शामिल थे।




