सक्ती जिला

धान खरीदी कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ ने दिल्ली पहुंचकर लगाई केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से गुहार 

-खाद्य विभाग में संविलयन, वेतनमान में 27 प्रतिशत वृद्धि जैसी मांगों को पूर्ण करने दिया ज्ञापन 

सक्ती- छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ के पदाधिकारी केंद्रीय सहाकारिता मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। यहां अपनी मांगों को ज्ञापन भी दिया है। जानकारी देते हुए सक्ती- छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष पुरूषोत्तम बरेठ ने बताया कि केंद्र द्वारा मांगो के संबंध में छ.ग. शासन को निर्देश दिया गया था जिस पर आज पर्यंत तक कोई उचित कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा नही की गई है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में बताया गया है कि संघ की 03 प्रमुख मांग है जिस पर आपकी महत्वपूर्ण अनुशंसा एवं निर्देश अपेक्षित है। मांगों के संबंध में बताया कि धान खरीदी कम्प्यूटरीकरण वर्ष 2007 से डॉटा एन्ट्री ऑपरेटर विगत 17 वर्षों से कार्यरत है। समर्थन मूल्य धन खरीदी के तहत धान उपार्जन केन्द्रो में कार्यरत डॉटा एन्ट्री ऑपरेटर को खाद्य विभाग में संविलियन/मर्ज किया जावे। वहीं दूसरा नवीन वित्त निर्देश 22/2023 के अनुसार संविदा वेतनमान में 27 प्रतिशत वृद्धि का लाभ (जैसे- राज्य के अन्य विभगों में दिया जा रहा है) प्रदान कर 23350/- रूपये मासिक संविदा वेतन अगस्त 2023 से प्रदान किया जाए। वहीं तीसरा धान खरीदी नीति खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 की कंडिका-11.3.3 (आगामी प्रस्तावित खरीफ वर्ष 2025-2026 में समितियों में डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था छ.ग. राज्य सरकारी विपणन संघ द्वारा ऑउट सोर्सिग से नियोजित करने के संबंध में माह अप्रेल 2025 में कार्यवाही की जावें) को विलोपित किया जाए। कन्द्रीय मंत्री से मांग की गई है कि छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर ऑपरेटर संघ के जायज मांगो को पूर्ण करने एवं खाद्य विभाग छ.ग. शासन में संविलियन/मर्ज हेतु संबंधित विभाग को निर्देश दिया जाए ताकि मांगे पूरी हो सके। संघ के पदाधिकारी विगत कई दिनों से दिल्ली में हैं। विदित हो कि छ.ग. समर्थन मूल्य धान खरीदी कंप्यूटर ऑपरेटर संघ के द्वारा अपनी जायज मांगों को लेकर वर्तमान में चल रहे हड़ताल के संबंध में संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ कार्यकारी अध्यक्ष पुरुषोत्तम बरेठ द्वारा केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह को नई दिल्ली कार्यालय में पहुंचकर उच्च अधिकारियों को अपनी जायज मांगों के संबंध में ज्ञापन सोपा गया और प्रादेशिक हड़ताल को निरंतर जारी रखना का निर्णय लिया गया।

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