सक्ती जिला

आईएएस अधिकारी रैना जमील ने सक्ती जिले में नवाजतन कार्यक्रम को दिया नया रूप

सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी जा सकता है अच्छे पद पर

सक्ती -हमें बच्चों के लिए शिक्षा को रुचिकर बनाते हुए ऐसे नवा जतन करने हैं,जिनसे हमारे राज्य के बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के योग्य ढल सकें ये बात नवा जतन के नोडल व्याख्याताओं को संबोधित करते हुए आईएएस श्रीमती रैना जमील एस डी एम सक्ती ने कही वे संसाधन भवन में नोडल व्याख्याताओं को संबोधित कर रही थीं इस बैठक के तुरंत बाद उन्होंने दो ब्लाकों जैजैपुर व मालखरौदा के बालवाड़ी केंद्रों के संबंध में बालवाड़ी प्रभारियों से कहा कि ये आंगन वाड़ी व प्रायमरी स्कूल के बीच ब्रिज की तरह कार्य करेगा जिससे बच्चे की प्रायमरी शिक्षा की नींव मजबूत करने का दायित्व आप लोगों का है।

इससे पहले बालवाड़ी व स्वीकृति मंच के जिला प्रभारी यू के रस्तोगी सहायक प्राध्यापक डाइट जांजगीर ने कार्यशाला व बैठक की भूमिका रखी एवँ शासन के योजनाओं की महत्ता व क्रियान्वयन से अवगत कराया। जिला तकनीकी  सदस्य स्वीकृति मंच व्याख्याता शा उ मा वि मड़वा दीपक यादव ने बताया कि बच्चों को रुचिकर शिक्षा प्रदान करने सरल व उपलब्ध तकनीकों का इस्तेमाल कैसे करें ।शिक्षक विजय पांडे,नवा जतन की मास्टर ट्रेनर मीरा देवांगन व राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक पुष्पेंद्र कौशिक ने नवाचारों से अवगत कराया। इससे पूर्व बीईओ,बीआरसी सक्ती अनंतराम लहरे, श्री चंद्रा ने एस डी एम का स्वागत किया और ब्लाकों में चल रही गतिविधियों  से अवगत कराया। नवा जतन नोडल व्याख्याताओ व बालबाड़ी की शिक्षिकाओं व  शिक्षक  से सुझाव मांगे गए एवँ बेहतर तरीके से समाधान का आश्वाशन दिया गया।

 अनंतराम लहरे ने सभी 4 विकासखंड को कोऑर्डिनेटर किया।

 *सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा भी जा सकता है अच्छे पद पर* 

रैना जमील ने कहा कि मै भी सरकारी स्कूल में पढ़ी हूँ और कोई भी सरकारी स्कूल में पढ़ के ऊंचे पद तक पहुंच सकता है। 6 वी 12 की किताबें ही आइएएस की तैयारी में पढ़ते हैं।वही तैयारी महत्वपूर्ण है।आपका काम बहुत जरूरी है। 

छग में गणित और इंग्लिश कमजोर  है। हमारे बच्चे कर नही पाते हैं । इस पर ध्यान देने की जरूरत है।बालवाड़ी के महत्व और उपयोगिता पर उन्होंने  प्रकाश डाला और कहा कि एक नन्हे बच्चे को तैयार कर प्राथमिक शाला के बच्चे को दें ।आंगनवाड़ी  के बाद ये ब्रिज कोर्स का काम करेगा।  बच्चे घर मे पलते है। स्कूल जाने में रोते हैं आंगनबाड़ी से बालवाड़ी उनके लिए प्राथमिक शाला के ब्रिज का काम करेगा । 

 *मॉनिटरिंग कर मुझे रिपोर्ट भेजें 

करूंगी निरीक्षण* 

श्रीमती जमील ने कहा कि संसाधन का उपयोग कर बालवाड़ी में अच्छा काम करना होगा। बालवाड़ी सहित अपने अनुभाग की शालाओं का निरीक्षण मैं करूंगी । उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक माह की 15 तारीख को प्रगति रिपोर्ट भेजें।

 *बच्चों की सतत प्रगति का नया फॉर्मेट किया लांच* 

उन्होंने कहा कि दिए गए फॉर्मेट के अलावा नोडल व्याख्याता अपने संकुल के प्राइमरी एवं मिडिल में चल रहे नवा जतन की मॉनिटरिंग करें तथा बच्चों के लर्निंग आउटकम के अलावा अपना फॉर्मेट बना के भेजें । उन्होंने कहा कि किन किन मानकों पर बच्चे की प्रगति हो रही है ये भेजी गई जानकारी में परिलक्षित होनी चाहिए । उन्होंने इसके लिए दोनों जिला के प्रभारी यू के रस्तोगी को निर्देशित किया कि प्रपत्र उसी तरह से तैयार हो ।

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